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Category Archives: वक्रदृष्टि

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गाय एक पॉवरफुल प्राणी है

गाय एक पॉवरफुल प्राणी है

पहले बड़े-बड़े लेखकों और कवियों की पंक्तियां दे दी जाती थीं, और कहा जाता था- संदर्भ के साथ व्याख्या कीजिये। अब बड़े-बड़े बिकाऊ लेखक और कवि पैदा होते हैं, जिनकी पंक्तियां ऐसी होती है, कि संदर्भ के साथ व्याख्या की ...

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बद्जुबानी भी तो जुबान है

बद्जुबानी भी तो जुबान है

बातों और बकवासों की राजनीति चल पड़ी है। यह क्या कह दिया अखिलेश जी आपने कि ‘‘महानायक गुजरात के गदहों का प्रचार बंद करें।’’ अब आप ही बताईये, सदी ही यदि गदहों की है, तो सदी के नायक या महानायक ...

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बहुमंजिली ईमारत पर टंगा ‘देश‘

बहुमंजिली ईमारत पर टंगा ‘देश‘

चंद लोग आये और उन्होंने देश के प्रधानमंत्री की तस्वीर को बहुमंजिली ईमारत के महत्वपूर्ण हिस्से पर टांग दिया। प्रधानमंत्री जी आराम से टंग गये। उन्हें यहां-वहां टंगना दीवारों पर चिपकना अच्छा लगता है। किसी ने कुछ नहीं कहा। टांगने ...

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पढ़-लिख कर हम कहां फंस गये?

पढ़-लिख कर हम कहां फंस गये?

पढ़ने-लिखने की हमारी आदत रही है, मगर क्या करें, पढ़-लिख कर हम बुरे फंसे। न घर के रहे न घाट के। खुद को धोबी का कुत्ता कहते नहीं बन रहा है, हालांकि हालत कुछ ऐसी ही है। गले में धोबी ...

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स्मृति जी खुश हैं

स्मृति जी खुश हैं

मोदी जी ने अपने मंत्री मंडल में विस्तार किया। फेर बदल किये। क्षमता का आंकलन किया गया और अपनी क्षमता के आगे लोगों को नत्मस्तक कर दिया। चुनाव है तो यह सब करना ही पड़ेगा। उन्होंने स्मृति जी को लोगों ...

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शिकार करने का जन्मसिद्ध अधिकार

शिकार करने का जन्मसिद्ध अधिकार

एक बार जंगल राज्य में राजा का चुनाव होना था. अजी चुनाव क्या… बस खाना-पूर्ति तो करनी थी ताकि जंगल लोकतंत्र का भी ख्याल रखा जा सके. भला वर्षों पुरानी इस प्राचीन प्रथा को नया जंगल निजाम कैसे बदल सकता ...

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भारत माता की जय

भारत माता की जय

जब सवाल देशभक्ति का हो तो कभी पीछे नहीं हटना चाहिए. हम जिस देश में रहें और उसके प्राचीन सामन्ती विचारों की कोई कदर न करें और उसके प्रति निष्ठा न रखें ये कहाँ की बात हुई. देशभक्ति को समय-समय ...

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यदि राष्ट्रवाद के मशीन में मुझे डाला गया?

यदि राष्ट्रवाद के मशीन में मुझे डाला गया?

मेरे दिमाग की बत्ती हमेशा गुल रहती है, और जब जलती है, तब कुछ ऐसा होता है, कि सिर चकरा जाता है। पिछले महीने मैं देशभक्त बननेे में लगा रहा। लगभग बन ही गया था, कि मेरी देशभक्ति के साथ ...

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नमोमय परमज्ञानी

नमोमय परमज्ञानी

मंत्रों में बड़ी ताकत होती है। एक बार कान में फूंक दें, बस, चेला गुरू का। इसलिये, जो अच्छे गुरू होते हैं, वो कान देखते ही मंत्र फूंक देते हैं। वे जानते हैं, कि चेलों के बिना गुरू को कोई ...

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बनारस के भईया जी

बनारस के भईया जी

‘‘हां तो भईया जी, अब आप क्या करेंगे?‘‘ मैंने उनके सुगठित शरीर, पुष्ट जंघा और फड़कती हुई बाहों को देख कर पूछा। भईया जी मोदी जी के परम भक्त हैं। पहले ‘जय राम जी‘ बोलते थे, फिर ‘जय हिंद‘ बोलने ...

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