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Category Archives: वक्रदृष्टि

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  • लकड़बग्घे की हंसी

    लकड़बग्घे की हंसी

    आपके जी में जो आये कह सकते हैं। अक्ल यदि आपकी है, तो उसका दीवालियापन भी तो अपका ही होगा। वैसे, अक्ल ...

  • गाय एक पॉवरफुल प्राणी है

    गाय एक पॉवरफुल प्राणी है

    पहले बड़े-बड़े लेखकों और कवियों की पंक्तियां दे दी जाती थीं, और कहा जाता था- संदर्भ के साथ व्याख्या की...

  • बद्जुबानी भी तो जुबान है

    बद्जुबानी भी तो जुबान है

    बातों और बकवासों की राजनीति चल पड़ी है। यह क्या कह दिया अखिलेश जी आपने कि ‘‘महानायक गुजरात के गदहों क...

  • बहुमंजिली ईमारत पर टंगा ‘देश‘

    बहुमंजिली ईमारत पर टंगा ‘देश‘

    चंद लोग आये और उन्होंने देश के प्रधानमंत्री की तस्वीर को बहुमंजिली ईमारत के महत्वपूर्ण हिस्से पर टां...

  • पढ़-लिख कर हम कहां फंस गये?

    पढ़-लिख कर हम कहां फंस गये?

    पढ़ने-लिखने की हमारी आदत रही है, मगर क्या करें, पढ़-लिख कर हम बुरे फंसे। न घर के रहे न घाट के। खुद को ...

  • स्मृति जी खुश हैं

    स्मृति जी खुश हैं

    मोदी जी ने अपने मंत्री मंडल में विस्तार किया। फेर बदल किये। क्षमता का आंकलन किया गया और अपनी क्षमता ...

  • शिकार करने का जन्मसिद्ध अधिकार

    शिकार करने का जन्मसिद्ध अधिकार

    एक बार जंगल राज्य में राजा का चुनाव होना था. अजी चुनाव क्या… बस खाना-पूर्ति तो करनी थी ताकि जं...

  • भारत माता की जय

    भारत माता की जय

    जब सवाल देशभक्ति का हो तो कभी पीछे नहीं हटना चाहिए. हम जिस देश में रहें और उसके प्राचीन सामन्ती विचा...

बनारस के भईया जी

बनारस के भईया जी

‘‘हां तो भईया जी, अब आप क्या करेंगे?‘‘ मैंने उनके सुगठित शरीर, पुष्ट जंघा और फड़कती हुई बाहों को देख कर पूछा। भईया जी मोदी जी के परम भक्त हैं। पहले ‘जय राम जी‘ बोलते थे, फिर ‘जय हिंद‘ बोलने ...

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हमें हनुमान जी की फिक्र है

हमें हनुमान जी की फिक्र है

खबर है- अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी जेब में हनुमान जी की लघु प्रतिमा लिये फिरते हैं। जहां जरूरत पड़ी, जेब से निकाल कर प्रेरणा ले लेते हैं। खबर यह भी है, कि प्रधानमंत्री कार्यालय के आरटीआई विभाग में किसी ...

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लोकतंत्र का तिलस्म

लोकतंत्र का तिलस्म

मेरे दिमाग पर जादूगर और जमूरो ने कब्जा कर लिया है। वो जो दिखाते हैं, मैं वही देखता हूं। वो जो बताते हैं, मैं वही सुनता हूं। वह हवा में शहर बसाता है। शहर को स्मार्ट बनाता है। स्मार्ट शहर ...

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सरकार इतनी सीधी क्यों है भाई?

सरकार इतनी सीधी क्यों है भाई?

‘‘सरकार इतनी सीधी क्यों है भाई?‘‘ यह सवाल मैंने खुद से किया और एक जलेबी मेरे सामने टप्प से टपकी। अब आप इसे जवाब समझें या पुरस्कार यह आप पर निर्भर करता है। हमने समझा, यह जवाब है, और हमने ...

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हर कलाकार एक ब्राॅण्ड है

हर कलाकार एक ब्राॅण्ड है

आज हर कलाकार एक ब्राण्ड है। जो जितना बड़ा ब्राण्ड है, वह उतना बड़ा कलाकाार है। और जो जितना बड़ा कलाकार है, वह उतना ही बड़ा ब्राण्ड है। ब्राण्ड के बिना न तो टोपी की कीमत है, ना जूते की। ...

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जान डालने का जानलेवा कमाल

जान डालने का जानलेवा कमाल

आज कल बड़ी अनहोनी हो रही है भाई! श्री श्री श्री नरेंद्र मोदी जी (इसे आप चाटुकारिता ही समझें) जब से देश के प्रधानमंत्री बने हैं, चारो तरफ रिश्तों में नयी जान डाली जाने लगी है, जैसे पुराने रिश्तों की ...

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राॅकस्टार प्रधानमंत्री

राॅकस्टार प्रधानमंत्री

‘‘राॅक स्टार की तरह सिलिकाॅन वैली में स्वागत होगा नरेंद्र मोदी का।‘‘ हमने पढ़ा। स्वागत भी हुआ। दूसरों के लिये किया गया प्रोग्राम जमा भी। रविवार का दिन बीत गया। सोमवार को भारत के अखबारों में मोदी जी की भीड़ ...

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खुशफहमी का मौसम

खुशफहमी का मौसम

‘मोदी जी तो मोदी जी हैं!’ मीडिया ने कहा! हमने सुना और पढ़ा! सुन और पढ़ कर अच्छा लगा। यह भी लगा कि देश की मीडिया कमाल है। गोबर सान कर गोइठा बना रही है। अपने लिये बाटी-चोखा का पक्का ...

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नौटंकी में नाटक और फिल्मों का सस्पेंस

नौटंकी में नाटक और फिल्मों का सस्पेंस

इस बीच देश की आब-ओ-हवा कुछ ऐसे बदली है, कि ‘महाबली‘ और ‘बजरंगी भाईजान‘ के होते हुए भी नौटंकी देखने वालों की तादाद बढ़ी है। लोगों को नौटंकी देखने में मजा आने लगा है। उन्हें लगने लगा है, कि मनोरंजन ...

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हर टीले के नीचे गड्ढ़ा है

हर टीले के नीचे गड्ढ़ा है

हमारे गली का नजारा बड़ा ही शानदार है। मानसून सत्र की शुरूआत हो गयी है। हल्की सी बारिश हुई नहीं कि जहां भी गड्ढ़ा है, वहां पानी भर जाता है। और गड्ढों की कमी तो है नहीं। 2013 में बाढ़ ...

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