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इलाहाबाद के तमाम छात्र – युवा और सामाजिक संगठनों ने किया ‘यूथ फॉर राइट टू एम्प्लॉयमेंट’ का समर्थन

इलाहाबाद के तमाम छात्र – युवा और सामाजिक संगठनों ने किया ‘यूथ फॉर राइट टू एम्प्लॉयमेंट’ का समर्थन

पिछले कई माह से इलाहाबाद में आंदोलनरत ‘यूथ फॉर राइट टू एम्प्लॉयमेंट’ की मुहीम के साथ इलाहाबाद के तमाम संगठनों ने खुलकर समर्थन दिया है। अब ‘बेरोज़गारी’ के खिलाफ़ और प्रदेश स्तर पर खाली पड़े लाखों पदों को भरे जाने ...

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काम के अधिकार को मूल अधिकार में शामिल करने की मांग

काम के अधिकार को मूल अधिकार में शामिल करने की मांग

बेरोज़गारी से त्रस्त युवा ‘यूथ फॉर राइट टू एम्प्लॉयमेंट’ नाम से संगठित हुए हैं। इन्होंने 1 अप्रैल, 2016शुक्रवार को निराला सभागार, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इसमें बताया गयाकि बेरोज़गारी हमारे समय की सबसे बड़ी समस्या है, ...

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केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के हज़ारों पद खाली

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के हज़ारों पद खाली

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक आरटीआई के जवाब No.F.18-5/2014(CU) में बताया है कि केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में टीचिंग के 35 फ़ीसदी से अधिक पद और नॉन-टीचिंग में 30 फ़ीसदी से अधिक पद खाली पड़े हैं। बेरोजगार युवाओं के एक राष्ट्रीय संगठन ...

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बीडीएस कन्वेंशन में इज़रायल के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान

बीडीएस कन्वेंशन में इज़रायल के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान

फ़ि‍लिस्‍तीन के विरुद्ध इज़रायल की नस्‍लभेदी नीतियों और लगातार जारी जनसंहारी मुहिम के विरोध में 6 मार्च 2016 को नई दिल्‍ली के गांधी शान्ति प्रतिष्‍ठान में आयोजित ‘बीडीएस इंडिया कन्‍वेंशन’ में इज़रायल के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान किया गया। ‘फ़ि‍लिस्‍तीन ...

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‘यूथ फाॅर राइट टू एम्प्लाॅयमेंट’ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को भेजे मांगपत्र

‘यूथ फाॅर राइट टू एम्प्लाॅयमेंट’ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को भेजे मांगपत्र

देश में बेरोज़गारी लगातार बढ़ती जा रही है। लोग काम माँग रहे हैं। बेरोज़गारी से पैदा अवसाद के चलते युवा आत्महत्या कर रहे हैं। सरकारें सिर्फ भाषणों से पेट भरना चाहती हैं और दूसरे मुद्दों में उलझाए रखना चाहती हैं। ...

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सरकार किस चिड़िया का नाम है?

सरकार किस चिड़िया का नाम है?

[किसी भी दंगे के दौरान दंगाई जो करते हैं, वह उस दंगे की अपनी तस्वीर होती है। जाट आरक्षण आंदोलन की यह तस्वीर जमीन और सड़क के बीच जीने वालों की अपनी भयावह तस्वीर है। जिसे पेश किया है अंजुले ...

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इलाहाबाद -निराला सभागार- में काम के अधिकार पर परिचर्चा

इलाहाबाद -निराला सभागार- में काम के अधिकार पर परिचर्चा

‘यूथ फॉर राइट टू एम्प्लॉयमेंट’ नाम से संगठित युवाओं ने बेरोज़गारी के मुद्दे पर 8 फ़रवरी, सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के निराला सभागार में एक बड़ी परिचर्चा आयोजित की। इस परिचर्चा में 250 से अधिक युवाओं व विद्यार्थियों ने भागीदारी ...

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पूंजी जरूरत से ज्यादा शातीर है

पूंजी जरूरत से ज्यादा शातीर है

हमारे एक मित्र हैं- आदर्शों से भरे। जो मानते हैं, कि ‘‘यदि हम भले हैं, तो हमारा बुरा नहीं होगा।‘‘ वो भले की सोचते हैं और भले को जीते हैं। भलमनसाहत उनके भीतर कूट-कूट कर भरी है। आज कल वो ...

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5 पदो के लिये 26 हजार आवेदन

5 पदो के लिये 26 हजार आवेदन

बाजारवादी सरकारें अपने देश की आम जनता की जिम्मेदारियों से हाथ खींचती जा रही हैं। उनका यह हाथ खींचना ही, लोकतंत्र और आम जनता की सबसे बड़ी परेशानी है। सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, आवास, रोजी-रोजगार और सामाजिक विकास की ...

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यूथ फॉर राइट टू एम्प्लॉयमेंट

यूथ फॉर राइट टू एम्प्लॉयमेंट

बेरोज़गारी को लगभग प्रकृतिक और स्वाभाविक मान लिया गया है। इसे इस तरह प्रचारित किया जाता है मानो इससे कोई बड़ी दिक़्क़त न हो रही हो। कहने के लिए कह दिया जाता है कि बेरोज़गारी भारत की समस्या है। पर ...

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