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Category Archives: राष्ट्रीय परिदृश्य

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शैतान का दिमाग खाली नहीं

शैतान का दिमाग खाली नहीं

‘खाली घर शैतान का डेरा।‘ सुनते और पढ़ते हुए हम बड़े हुए हैं। क कहरा के अक्षर ज्ञान से लेकर विश्व विद्यालयों तक। कठपुतली बनने की सलाह हमें किसी ने नहीं दी। कृष्ण हों या कौटिल्य, कणांद हों या चार्वाक, ...

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बी.एच.यू. परिसर की सुरक्षा और निगरानियों का जाल

बी.एच.यू. परिसर की सुरक्षा और निगरानियों का जाल

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के उपकुलपति गिरीश चन्द्र त्रिपाठी लम्बी छुट्टि पर गये – व्यक्तिगत कारणों से। व्यक्तिगत कारण उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और जहां से वो अपनी सोच और समझ लाते हैं, वहीं से बताया गया। छात्राओं ...

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बीएचयू – मुद्दे छोटे सवाल बड़े हैं

बीएचयू – मुद्दे छोटे सवाल बड़े हैं

काशी हिंदू विश्व विद्यालय -बीएचयू- का मुख्य द्वार खुलता है और बंद हो जाता है। लोग जानना चाहते हैं- यह हो क्या रहा है? स्थितियां सामान्य नहीं हैं। पुलिस, पीएसी की छावनियां स्थायी हो रही हैं। मुद्दे छोटे और सवाल ...

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मोदी जी हंस रहे हैं

मोदी जी हंस रहे हैं

यह बात समझ से बाहर है अब तक सरकारें बोलती हैं झूठ हम समझते हैं सच क्यों….? क्यों का जवाब है हमारे सामने मगर हम उस जवाब से मिलना नहीं चाहते। मिल गया तो समझते नहीं। समझ गये तो, ‘‘कोये ...

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जीएसटी – एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार

जीएसटी – एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार

मोदी जो दिखाते हैं, उसके पीछे उससे बड़ा खतरा छुपाते हैं। अभी हम जीएसटी देख रहे हैं। ‘राष्ट्र के इतिहास का सबसे बड़ा कर सुधार‘ का जश्न देख रहे हैं। ‘एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार का सपना देख रहे ...

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सरकारें वह नहीं जो दिखती हैं – 4

सरकारें वह नहीं जो दिखती हैं – 4

भारत में किसी भी आंदोलन और मांग का भविष्य अनिश्चित है, या यूं कह लीजिये की वो धोखा खा जायेंगी। उनकी ताकतें बंट जायेंगी। बांट दी जायेंगी। धोखा देने के लिये सिर्फ सरकारें ही नहीं हैं, वो वित्तीय ताकतें भी ...

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सरकारें वह नहीं जो दिखती हैं – 3

सरकारें वह नहीं जो दिखती हैं – 3

आईये, गोरखालैण्ड की बातें करें। अलग झारखण्ड राज्य के मांग की तरह ही अलग ‘गोरखा राज्य‘ की मांग सौ साल से पुरानी हैं आज झारखण्ड तो अलग राज्य है, किंतु 1907 में ‘मार्ले-मिंटो सुधार‘ के लिये ब्रिटिश आयोग के सामने ...

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सरकारें वह नहीं जो दिखती हैं – 2

सरकारें वह नहीं जो दिखती हैं – 2

हम कश्मीर की बात करें। उस खूबसूरत घाटी की बातें करें, जिसके जन्नत होने का यकीन टूट गया है। मानी हुई बात है, कि दो मुल्क की सियासत का खामियाजा कश्मीर भुगत रहा है। इतिहास की जानकारी है, जहां ब्रिटिश ...

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सरकारें वह नहीं जो दिखती हैं – 1

सरकारें वह नहीं जो दिखती हैं – 1

आज किसी भी आंदोलन के पक्ष में या विपक्ष में खड़ा होना, आम आदमी की मुश्किलें हैं, क्योंकि जो दिख रहा है, या जो दिखाया जा रहा है, वह सही है या गलत? यह तय नहीं हो पाता। अजीब सी ...

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सेंटपीटर्सबर्ग में मोदी का खुला आमंत्रण

सेंटपीटर्सबर्ग में मोदी का खुला आमंत्रण

‘सेंटपीटर्सबर्ग इण्टरनेशनल इकोनॉमिक फोरम‘ में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस देश को लूटने का खुला प्रस्ताव रखा। कृषि, उद्योग, सुरक्षा से लेकर सेवा क्षेत्रों में निवेश के लिये विश्व कारोबारियों को आमंत्रित किया। ‘‘भारत एक बड़ा बाजार है। ...

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