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Category Archives: राष्ट्रीय परिदृश्य

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भ्रष्ट व्यवस्था के प्यादे और सरकार

भ्रष्ट व्यवस्था के प्यादे और सरकार

आयकर विभाग और सीबीआई की सक्रियता बढ़ गयी है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस के पी, चिदंबरम के बेटे के खिलाफ छापेमारी चल रही है। खुलासे हो रहे हैं। खुलासे होंगे। कहा जा रहा है, कि सरकार भ्रष्टाचार ...

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आर्थिक एवं राजनीतिक विकास की गलत दिशा

आर्थिक एवं राजनीतिक विकास की गलत दिशा

केन्द्र में मोदी की सरकार है और भारत के 13 राज्यों में भाजपा की सरकारें बन चुकी हैं। कह सकते हैं, कि उसके कब्जे में देश की बड़ी आबादी है। सही अर्थों में भाजपा पूरे देश पर अपना अधिकार चाहती ...

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भाजपा की जीत स्वाभाविक नहीं

भाजपा की जीत स्वाभाविक नहीं

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव परिणाम आने के दौरान ही बहुजन समाज पार्टी की सब कुछ मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर भाजपा और केन्द्र की सरकार पर चुनावी मशीन -ईवीएम- से छेड़-छाड़ करने का सीधा आरोप लगाया था। सपा ...

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मतलबी और कम मतलबी सरकारें

मतलबी और कम मतलबी सरकारें

‘कम्युनिस्टों की बात तो आप करें नहीं। वो कहीं नहीं हैं।’ उन्होंने कहा और हमने मान लिया। हमारा यह मानना चुनावी समर और दलगत आधार पर है। आम जनता को अपने पक्ष में मतों में बदलने से है। हमारी सहमति ...

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नोटबंदी का ‘रिटर्न गिफ्ट’

नोटबंदी का ‘रिटर्न गिफ्ट’

पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव परिणामों से पहले 9 मार्च के आलेख में हमने लिखा था- ‘‘भाजपा इकलौती ऐसी पार्टी है राष्ट्रीय स्तर पर, जिसके पास नरेन्द्र मोदी के अलावा कोई दूसरी सूरत नहीं है। मोदी ऐसे प्रचारित ‘जन ...

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मुद्दों को खारिज करने की रणनीति

मुद्दों को खारिज करने की रणनीति

उत्तर प्रदेश में भाजपा मुद्दों को खारिज रखने की रणनीति के तहत विधानसभा चुनाव लड़ रही है। वजह सिर्फ एक है, कि आर्थिक विकास एक पांव पर खड़ी है, और जन समस्याओं का समाधान उसके पास नहीं है। जिसे वह ...

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बजट पर बकवास

बजट पर बकवास

सरकार ने फ्यूचर का बजट पेश किया। वर्तमान पर बातें करेंगे सरकार? हालत खराब है- देश की, दुनिया की, हमारी और आपकी भी। काहे यह भरम फैला कर रखते हैं, कि आप जो भी करेंगे आम जनता आपके साथ है। ...

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अपने को सफल दिखाने की राजनीति

अपने को सफल दिखाने की राजनीति

मोदी सरकार की ‘सफलता’ इस बात की मिसाल है कि मीडिया और संगठित प्रचारतंत्र के जरिये एक असफल सरकार को सफल दिखाया जा सकता है। यह प्रमाणित किया जा सकता है, कि सरकार की उपलब्धियां बेमिसाल हैं। भारत के राजनीतिक ...

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अपने को बचाने की लड़ाई

अपने को बचाने की लड़ाई

‘कांग्रेस’ ने थोड़ा झुक कर ही सही, उत्तर प्रदेश में ‘समाजवादी पार्टी’ से चुनावी दोस्ती गांठ ली है। एक ऐसे गठजोड़ का निर्माण हो गया है, जो ‘बहुजन समाज पार्टी’ ही नहीं ‘भारतीय जनता पार्टी’ के लिये भी चुनौती है। ...

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गणतंत्र के पक्ष में खड़ा होने की चुनौती

गणतंत्र के पक्ष में खड़ा होने की चुनौती

विभाजन के बाद देश की आजादी को सुरक्षित रखने के लिये जिस लोकतंत्र और संघीय गणतंत्र की स्थापना की गयी थी, उसकी दिशा अब बदल गयी है। प्रतीक चिन्ह और आदर्शों का स्वरूप बदल गया है। राष्ट्रगान में ‘अधिनायक’ पर ...

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