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Monthly Archives: July 2015

ईरान समझौता – भूराजनीतिक संतुलन और वित्तीय संघर्षों का हिस्सा है

ईरान समझौता – भूराजनीतिक संतुलन और वित्तीय संघर्षों का हिस्सा है

यदि हम ईरान और अयातुल्ला खुमैनी को जानते हैं, यदि हम रूस, चीन और मध्य-पूर्व एशिया के देशों से ईरान के गहरे रिश्तों को जानते हैं, और यदि हम अमेरिका और यूरोपीय संघ के नेतृत्वकर्ता देशो को जानते हैं, तो ...

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क्यूबा और अमेरिका के बीच दूतावास स्तर के कूटनीतिक सम्बंधों की पुर्नस्थापना

क्यूबा और अमेरिका के बीच दूतावास स्तर के कूटनीतिक सम्बंधों की पुर्नस्थापना

54 साल के बाद लातिनी अमेरिकी एवं कैरेबियन देश क्यूबा और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच दूतावास स्तर के कूटनीतिक सम्बंधों की पुर्नस्थापना हुई। 20 जुलाई 2015 को हवाना और वाशिंगटन में दोनों देशों के राजनीतिक दूतावास खोले गये। इन ...

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दुनिया के फैले बाजार में बच्चा

दुनिया के फैले बाजार में बच्चा

 विद्यार्थी दिन-प्रतिदिन बच्चों को बचपन के अधिकार से दूर किया जा रहा है। इस अधिकार की हँसी उड़ाते सच अपनी सीखें हम तक रोज़ाना पहुँचाते हैं। हमारी दुनिया धनी बच्चों को यूँ देखती है मानो वे कोई चलती-फिरती तिजोरी हों! ...

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सुजाता की दो कविताएँ

सुजाता की दो कविताएँ

1. धैर्य इस पेड़ से उस पेड़ की दूरी मामूली थी एकदम कि दोनों की टहनियों को बांधकर एकसाथ डाला जा सकता था झूला लेकिन वे खड़े ही थे बस गले लग जाने के लिए किसी अन्धड़ के इंतज़ार में ...

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संसद में ऊपरी खेल-तमाशा

संसद में ऊपरी खेल-तमाशा

भारतीय विपक्ष और सरकार देश की संसद को मानसून सत्र में तमाशा बना चुकी हैं। मुद्दे जो कल थे आज भी वहीं हैं। कल जहां भाजपा बैठती थी, आज वहां कांग्रेस बैठी है। और जहां कांग्रेस बैठती थी, आज वहां ...

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हर टीले के नीचे गड्ढ़ा है

हर टीले के नीचे गड्ढ़ा है

हमारे गली का नजारा बड़ा ही शानदार है। मानसून सत्र की शुरूआत हो गयी है। हल्की सी बारिश हुई नहीं कि जहां भी गड्ढ़ा है, वहां पानी भर जाता है। और गड्ढों की कमी तो है नहीं। 2013 में बाढ़ ...

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चैतन्य नागर की कविताएं

चैतन्य नागर की कविताएं

चैतन्य नागर की कविताएं अनुभव के टटकेपन की ही नहीं उसके गुंथाव की भी कविता है। जो कई बार अपने दुखते-कसकते मूलों के साथ-साथ चला आता है। इसमें हमारे साँसतपूर्ण जीवन की छाया है, हमारे अस्तित्व का सहगामी अवसाद और ...

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इक्वाडोर – विधेयकों के विरूद्ध सरकार को बेदखल करने की लड़ाई-1

इक्वाडोर – विधेयकों के विरूद्ध सरकार को बेदखल करने की लड़ाई-1

21वीं सदी के समाजवाद या विकास के जरिये समाजवाद के सामने जैसी परेशानियां आती हैं, इक्वाडोर को उन्हीं परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रपति राॅफेल कोरिया की समाजवादी सरकार के सामने, साम्राज्यवादी हस्तक्षेप और दक्षिणपंथी विपक्ष के द्वारा ...

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भास्कर चौधुरी की छह कविताएँ

भास्कर चौधुरी की छह कविताएँ

1. साथ-साथ नहीं हैं पिता मेरे पास और माँ भाई के साथ माँ और पिता हमसे दूर साथ-साथ हैं !   2. सूखा (एक) रोटी चांद सी थाल सी गोल रोटी अम्मा के माथे की बिंदी सी पर जहाँ रोटी ...

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भूमि अधिग्रहण विधेयक- ठण्डे बस्ते की राजनीति

भूमि अधिग्रहण विधेयक- ठण्डे बस्ते की राजनीति

केंद्र की मोदी सरकार ‘भूमि अधिग्रहण विधेयक‘ के मामले में संवैधानिक प्रावधानों के तहत अपने लिये गुंजाईशें बनाने और देश की आम जनता के लापरवाह होने का इंतजार कर रही है। वह जानती है, कि ऐसी गुंजाइशें हैं, और मुद्दे को ...

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