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Monthly Archives: August 2015

वैश्विक वित्तीय संकट और चीन

वैश्विक वित्तीय संकट और चीन

जिस विश्वव्यापी मंदी की आशंकायें व्यक्त की जा रही थीं, वह अब दुनिया के बाजार में है। चारो ओर हड़कम्प मचा हुआ है। सभी अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने, संकट से मिले मौके का फायदा उठाने और दुनिया की आम जनता ...

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कम्पनियों के विलय और खरीदी का दौर

कम्पनियों के विलय और खरीदी का दौर

2007-08 के वैश्विक मंदी से, विश्व अर्थव्यवस्था अभी उबर भी नहीं पायी है, कि उससे भी बड़े वैश्विक मंदी की दस्तक पड़ने लगी है। स्थितियां जैसी बन गयी हैं, आशंका इस बात की है, कि अक्टूबर 2015 में दुनिया की ...

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शिरीष मौर्य की आठ कविताएं

शिरीष मौर्य की आठ कविताएं

1. कुछ प्रलापों से पहले एक बिखरा हुआ, टूटता-सा आलाप गांधार निषाद और धैवत का (बसें गिर जाती हैं पहाड़ों से/लील जाती हैं नदियां उन्हें भी/जिनकी वे प्रिय थीं) मृतकों का संसार बढ़ता जा रहा है उसे और बढ़ाने कुछ ...

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भारत में चीन की कम्पनियों की उपस्थिति

भारत में चीन की कम्पनियों की उपस्थिति

भारत और चीन के रिश्ते को भारतीय मीडिया राजनीतिक नजरिये से देखती है। पश्चिमी मीडिया की तरह ही उसे आर्थिक एवं सामरिक प्रतिद्वंदी करार देती रही है। यह प्रमाणित करना ही उनका लक्ष्य होता है, कि चीन भारत के लिये ...

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मोदी के लिये मूडीज़ की राहें

मोदी के लिये मूडीज़ की राहें

ग्लोबल रेटिंग एजेन्सी ‘मूडीज़ इन्वेस्टर सर्विस‘ ने 18 अगस्त को जारी किये गये ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक – 2015-16‘ की रिपोर्ट में भारत के आर्थिक विकास दर को 7.5 प्रतिशत से घटा कर 7 प्रतिशत कर दिया और लगे हाथ निवेश ...

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अमेरिका और क्यूबा – आपसी सम्बंधों की दिशा

अमेरिका और क्यूबा – आपसी सम्बंधों की दिशा

असफल नीतियों और आपसी सम्बंधों के मूल में यदि विचार और विपरीत समाज व्यवस्था हो, तो सम्बंधों की बहाली के सामने विपरीत परिस्थितियां ही होती हैं। दूतावास स्तर पर अमेरिका ओर समाजवादी क्यूबा के राजनीतिक संबंधों की पुर्नस्थापना के सामने ...

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राज्यवर्द्धन की छः कविताएँ

राज्यवर्द्धन की छः कविताएँ

1. खेल चोर सिपाही मंत्री राजा का बच्चे खेल रहे थे – चॊर, सिपाही, मंत्री, राजा का खेल डेस कॊस सिंगल बुलबुल मास्टर सिपाही सिपाही चॊर कॊ पकड़ॊ -मंत्री ने आदेश दिया पकड़ लिया -सिपाही चिल्लाया राजा के सामने पेश ...

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नौटंकी में नाटक और फिल्मों का सस्पेंस

नौटंकी में नाटक और फिल्मों का सस्पेंस

इस बीच देश की आब-ओ-हवा कुछ ऐसे बदली है, कि ‘महाबली‘ और ‘बजरंगी भाईजान‘ के होते हुए भी नौटंकी देखने वालों की तादाद बढ़ी है। लोगों को नौटंकी देखने में मजा आने लगा है। उन्हें लगने लगा है, कि मनोरंजन ...

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पंकज चतुर्वेदी की तीन कविताएँ

पंकज चतुर्वेदी की तीन कविताएँ

1. 1947 में (सईद अख़्तर मिर्जा की फि़ल्म ‘नसीम’ देखकर) 1947 में जो मुसलमान थे उन्हें क्यों चला जाना चाहिए था पाकिस्तान ? जिन्होंने भारत में ही रहना चाहा उन्हें ग़रीब बनाये रखना क्यों ज़रूरी था ? जिस जगह राम ...

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संसद के बंद होते दरवाजे

संसद के बंद होते दरवाजे

संसद का मानसून सत्र बीत गया। भूमि अधिग्रहण विधेयक श्रम कानूनो मे संशोधन विधेयक और वस्तु एवं सेवा कर विधेयक सहित कई विधेयकों को पारित कराने की सरकार की मंसा पूरी नहीं हुई। जिन्हें इस बात से दुखी होना चाहिये, ...

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