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Monthly Archives: January 2016

दावोस के लोग

दावोस के लोग

दावोस में ‘वल्र्ड इकोनाॅमिक फोरम‘ का वार्षिक सम्मेलन हुआ। जिसमें आर्थिक मानदण्डों को पूरो करने वाले दुनिया भर के चुने हुए अमीर, वैश्विक वित्तीय इकाईयों एवं बैंकों के प्रमुख, अपने क्षेत्र के विशेष लोग, मीडिया के गिने-चुने लोगों सहित, ज्यादातर ...

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बाज भी अब झुण्ड में है

बाज भी अब झुण्ड में है

कबूतरों के पास भी कुछ है प्रतिरोध और प्रतिरक्षा के लिये हमलावरों से जान बचाने की तरकीबें हैं। जिन्हें रक्त, मांस की जरूरत नहीं, ऊंची उड़ान और घात लगा कर बैठी निगाहों से नहीं जोड़ा उन्होंने अपना नाता, उन्होंने अपने ...

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क्या विशिष्ठ लोग ही गणतंत्र की खुशिया मनायेंगे?

क्या विशिष्ठ लोग ही गणतंत्र की खुशिया मनायेंगे?

यदि ओबामा और ओलांदे आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होने की बात करते हैं, तो यह सवाल अपने आप खड़ा हो जाता है, कि फिर आतंकवादी कौन है? अल-कायदा और उससे जुड़े तमाम आतंकी संगठन? या इस्लामिक स्टेट आॅफ इराक एण्ड ...

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बनारस के भईया जी

बनारस के भईया जी

‘‘हां तो भईया जी, अब आप क्या करेंगे?‘‘ मैंने उनके सुगठित शरीर, पुष्ट जंघा और फड़कती हुई बाहों को देख कर पूछा। भईया जी मोदी जी के परम भक्त हैं। पहले ‘जय राम जी‘ बोलते थे, फिर ‘जय हिंद‘ बोलने ...

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हमें हनुमान जी की फिक्र है

हमें हनुमान जी की फिक्र है

खबर है- अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी जेब में हनुमान जी की लघु प्रतिमा लिये फिरते हैं। जहां जरूरत पड़ी, जेब से निकाल कर प्रेरणा ले लेते हैं। खबर यह भी है, कि प्रधानमंत्री कार्यालय के आरटीआई विभाग में किसी ...

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वित्तीय ताकतों ने समाज व्यवस्था की सूरतें बदल दी हैं

वित्तीय ताकतों ने समाज व्यवस्था की सूरतें बदल दी हैं

‘‘फाॅसिस्टवाद से हर मोर्चे पर लड़ने की जरूरत है, मगर हम कहीं भी खड़ा हो कर उससे लड़ नहीं सकते।‘‘ यदि आप भारत में हैं, तो यह सोचने की जरूरत भी पड़ेगी कि ‘‘वह मोर्चा कहां है? …है भी, या ...

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संघर्ष और वार्ताओं के बीच सीरिया

संघर्ष और वार्ताओं के बीच सीरिया

‘सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल-असद जनवरी में तेहरान की यात्रा पर जायेंगे।‘‘ ईरान की मीडिया ने इस बात की जानकारी दी है। खबर में कहा गया है, कि ‘‘यात्रा के लिये राष्ट्रपति असद इराक के वायु क्षेत्र का उपयोग करेंगे, और ...

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राष्ट्र धर्म की कार्य योजना

राष्ट्र धर्म की कार्य योजना

साम्प्रदायिकता के खेल में संघ, भाजपा और सरकार एक साथ खेल रहे हैं। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में संघ की सूरत बिल्कुल साफ है। भाजपा की सूरत सुब्रमण्यम स्वामी को मान लें, जिनके लिये काशी और मथुरा भी ...

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शोभा रस्तोगी की पांच कविताएँ

शोभा रस्तोगी की पांच कविताएँ

1. अंतर में एक आग है मेरे घर में धूप नहीं आती अंतर में एक आग है उजाला वहीं से आता है सिकती हैं घर की दीवारें और घर कुनकुने ताप में मुस्कुराता है |—–   2. शब्द भीगे तेरे ...

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संघ के साथ वित्तीय साम्राज्यवाद

संघ के साथ वित्तीय साम्राज्यवाद

केंद्र में मोदी सरकार के गठन के साथ ही भारत में काॅरपोरेट और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ताकत बढ़ गयी है। काॅरपोरेट जगत वित्तीय तानाशाही के लिये, और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ राजनीतिक तानाशाही की राहें, लोकतंत्र के ढांचे ...

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