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Monthly Archives: February 2016

लोकतंत्र का मलीन अध्याय

लोकतंत्र का मलीन अध्याय

आप चाहे जो कहें, इस देश में लोकतंत्र की हालत सचमुच खराब है। उसे संभालने वाला कोई नहीं। संसद का बजट सत्र चल रहा है। लोकतंत्र जागृत अवस्था में है। रेल बजट पर सरकार तालियां बजा रही है। अपना पीठ ...

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श्वेता राय की पांच कविताएं

श्वेता राय की पांच कविताएं

1. दोस्ती रिश्तों को जीते हुये हम आँखों की पुतलियों में जीते हैं कई भाव और तय होती हैं हर भाव की एक निश्चित परिधि कि तभी बीज बन उतर जाता है एक रिश्ता मन की जमीन पर जो एक ...

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मार दें आप, जेएनयू को मार दें

मार दें आप, जेएनयू को मार दें

एक शिकंजा है लोगों को कसने कस कर उन्हें मारने के लिये। आपने रोहित वेमुला को मारा मैं तो कहता हूं आप कन्हैया कुमार को मार दें, उन तमाम लोगों को मार दें, जिन्हें मारने का खयाल आपके जेहन में ...

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जेएनयू मुद्दा, फासीवाद की शिनाख्त है – 2

जेएनयू मुद्दा, फासीवाद की शिनाख्त है – 2

आज हम देश की वर्तमान स्थितियों की बात करें, तो हिंसा, अस्थिरता और विभाजन समाज और हमारी सोच में है। आम आदमी डरा हुआ है। देशभक्ति बनाम देशद्रोही का खेल खेला जा रहा है। लोग यह सबक सीख रहे हैं, ...

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जेएनयू मुद्दा, फासीवाद की शिनाख्त है – 1

जेएनयू मुद्दा, फासीवाद की शिनाख्त है – 1

जेएनयू का मुद्दा इस देश में फासीवाद के होने की शिनाख्त करता है। इस बात की शिनाख्त करता है, कि भले ही इस देश में चुनी हुई सरकार है, मगर एक ऐसी समानांतर व्यवस्था, एक ऐसी समानांतर सरकार भी है, ...

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नमोमय परमज्ञानी

नमोमय परमज्ञानी

मंत्रों में बड़ी ताकत होती है। एक बार कान में फूंक दें, बस, चेला गुरू का। इसलिये, जो अच्छे गुरू होते हैं, वो कान देखते ही मंत्र फूंक देते हैं। वे जानते हैं, कि चेलों के बिना गुरू को कोई ...

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(आम जनता को दिये जाने वाले) धोखे के खिलाफ

(आम जनता को दिये जाने वाले) धोखे के खिलाफ

मौजूदा दौर की ज्यादातर सरकारें बाजारवादी ताकतों का हाथ बंटाने के लिये, बस दो ही काम कर रही हैं- 1.    अपने आर्थिक एवं वैधानिक अधिकारों को बाजर के हवाले कर रही हैं, 2.    अपने देश की आम जनता को धोखा ...

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मीडिया के कंधों पर उचकता फासीवाद

मीडिया के कंधों पर उचकता फासीवाद

हम आज कौन से अन्धकार के युग में जीने के लिए अभिशप्त हो गए हैं? यह कौन सी पत्रकारिता हम देख रहे हैं जो पूरे समाज में जहर घोलने पर आमादा है? ऐसा लगता है कि अर्नब गोस्वामी जैसे उद्दंड, ...

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वामपंथियों के विरूद्ध संवैधानिक राष्ट्रवाद

वामपंथियों के विरूद्ध संवैधानिक राष्ट्रवाद

देश की मोदी सरकार को हर बात की जल्दी है। उसकी हरकतें या तो पैरोल में छूटे अपराधियों की तरह है, या उन लोगों की तरह है, जिनके सामने सत्ता मे बने रहने की शर्ते हैं। वह शर्तो की बाधा ...

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भारत माता की, जय और वंदेमातरम् ने हमें डरा दिया

भारत माता की, जय और वंदेमातरम् ने हमें डरा दिया

17 फरवरी 2016 नयी दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट। बाहर और भीतर। जहां जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को ‘देशद्रोह‘ के आरोप के तहत पेश किया गया। उन्हें 14 दिन के न्यायिक हिरासत में, तिहाड़ जेल भेज दिया गया। यदि ...

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