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Monthly Archives: June 2016

यूरोपीय संघ – ब्रिटेन….. वैश्विक वित्तीय ताकतों का हित

यूरोपीय संघ – ब्रिटेन….. वैश्विक वित्तीय ताकतों का हित

दुनिया में घट रही किसी भी घटना को अपने नियंत्रण में रखने का हुनर वैश्विक वित्तीय ताकतों ने हासिल कर लिया है। उन्होंने एक ऐसी वित्तीय व्यवस्था विकसित कर ली है, कि किसी भी देश की सरकार उनके सहयोग एवं ...

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ब्रिटेन का यूरोपीय संघ में होना, न होना?

ब्रिटेन का यूरोपीय संघ में होना, न होना?

1 नवम्बर 1993 में स्थापित, 28 देशों के यूरोपीय संघ से, ब्रिटेन की आम जनता ने अलग होने का निर्णय लिया। पहले से लड़खड़ाती यूरोप की अर्थव्यवस्था के सामने गंभीर संकट पैदा होगा। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था से ...

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अपने देश की व्यवस्था से असहमत अमेरिकी

अपने देश की व्यवस्था से असहमत अमेरिकी

अमेरिकी राष्ट्रपति को यदि आप इंसान मान लें तो उसकी सूरत लगातार खतरनाक और खुंख्वार होती हुई नजर आयेगी। वर्तमान राष्ट्रपति अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपति से दुनिया के लिये, बड़ा संकट बन कर उभरता है। अमेरिकी लोकतंत्र की शायद यही सबसे ...

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एफडीआई – ताबूत पर आखिरी कील

एफडीआई – ताबूत पर आखिरी कील

जिस घर की खिड़कियां पहले से खुली थीं, उस घर का अब, दरवाजा भी खुल गया है, भारत एक खुला देश है। जिन्होंने नरेंद्र मोदी की सरकार बनवायी, उन्होंने एक निर्णायक मुकाम हासिल कर लिया है। केंद्र की मोदी सरकार ...

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अमेरिकी खेमें में घुसने की जल्दबाजी

अमेरिकी खेमें में घुसने की जल्दबाजी

मोदी जी को अमेरिकी खेमें में घुसने की बड़ी जल्दी है। दो साल में चार बार ओबामा से मिलने, हाथ मिलाने, गले लगाने और हम आपके हैं, कि कसमें खाने का रिकार्ड बनाया। वो जानते हैं, कि अमेकिरा से उनकी ...

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मिशन 2017 – चुनाव में माहिर दल

मिशन 2017 – चुनाव में माहिर दल

भाजपा चुनावों के जरिये सत्ता पर एकाधिकार चाहती है। उसके दावे बड़े हैं। उसके इरादे पक्के हैं। उसने उन तकतों से तालमेल भी बैठा लिया है, जो सरकारें बनाती हैं। और जिनके नाम से सरकारें बनायी जाती हैं, उस आम ...

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‘कांग्रेस मुक्त भारत‘ का मतलब

‘कांग्रेस मुक्त भारत‘ का मतलब

‘‘कांग्रेस मुक्त भारत‘‘ का नारा भाजपा खड़ा कर चुकी है। केंद्र की मोदी सरकार की हरकतें भी ऐसी ही हैं। वह अपने राजनीतिक एकाधिकार के लिये कांग्रेस को ठिकाने लगा देना चाहती है। शायद किसी भी राजनीतिक दल और उसकी ...

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एक राजनीतिक कविता

एक राजनीतिक कविता

एक राजनीतिक कविता झूठ के गंभीर पेशे को समझने की नाकाम कोशिश है। आज कल, मैं यही कर रहा हूं। x    x    x देख रहा हूं- कबाड़ी को कबाड़ बेचता हुआ। उसके पास समय को थाम कर घूमता हुआ एक ...

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मोदी जी नमस्कार! (मेरा देश बदल रहा है)

मोदी जी नमस्कार! (मेरा देश बदल रहा है)

‘मेरा देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है।’ यह कुछ-कुछ राजीव गांधी के ‘मेरा देश महान’ की तरह ही है। जिसके साथ यह स्लोगन भी था कि ‘हम 21वीं सदी की ओर बढ़ रहे हैं।’ मतलब, ‘मैं’ के साथ ...

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बीएचयू गेट पर जेएनयू, जय भीम, लाल सलाम

बीएचयू गेट पर जेएनयू, जय भीम, लाल सलाम

कुछ लोगों ने मान लिया है, कि ‘‘यदि हम दूसरों को नहीं बोलने देंगे तो हमारी बात सुनी जायेगी।‘‘ मूर्खों के सींग नहीं होते। 7 जून 2016 को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सिंह द्वार और लंका चैराहे पर यह नजारा ...

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