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Monthly Archives: July 2016

काठ के पुतला को महान समझने की भूल

काठ के पुतला को महान समझने की भूल

देश की सरकार सिर्फ चुनाव लड़ रही है। उसके सिर पर मिशन-2017 और मिशन 2019 का भूत सवार है। यह भूत उसने खुद ही सवार किया है। भाजपा ने जो जीत 2014 के लोकसभ चुनाव में हासिल की, उसे लगता ...

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बद्जुबानी और सेंधमारी का मसला

बद्जुबानी और सेंधमारी का मसला

मायावती के खिलाफ भाजपा ने जहर उगल दिया। अच्छा किया। मोहतरमा दलित समाज के लिये राजनीतिक बहन जी थीं, अब बकौल उनके ‘देवी‘ बन गयीं। बसपा के जिन छत्रपों के खिसकने से मायावती के पांव के नीचे से जमीन खिसक ...

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अमेरिका की साम्राज्यवादी सरकारों का आतंक – तुर्की में तख्तापलट

अमेरिका की साम्राज्यवादी सरकारों का आतंक – तुर्की में तख्तापलट

आतंकवाद बुरा चेहरा है, हम यह जानते हैं। हम यह भी मानते हैं, कि यह समाज और समाज व्यवस्था की उपज है। एक ऐसी अमानवीय समाज व्यवस्था की उपज है, जिसमें शोषण और दमन है। इस शोषण की कोई सीमा ...

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अपने मतलब के लिये सलाम न करें

अपने मतलब के लिये सलाम न करें

एक खबर- दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में श्रीनगर जम्मू हाईवे पर संगल इलाके में अमरनाथ यात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। ड्राईवर का नियंत्रण बस पर नहीं रहा, और बस फिसल कर खाई में जा गिरी। ड्राईवर बिलाल मीर ...

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चे और वानी का खेमा

चे और वानी का खेमा

उमर खालिद पर बहस की जरूरत नहीं कई बार ऐसा होता है, कि पांव जमा कर चलने वाला आदमी भी फिसलन का शिकार हो जाता है। वैसे भी, फिसलन है। ढ़लान है। सोच के सामने सवाल है। इस देश में ...

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कटघरे में आतंकी नहीं, सरकारें हैं

कटघरे में आतंकी नहीं, सरकारें हैं

कश्मीर जल रहा है, और इस बात की सही खबर हिन्दुस्तान के आम लोगों को नहीं है। सही खबरें उन तक पहुंच ही नहीं रही हैं। खबरिया चैनल से लेकर रोज निकलने वाले अखबार न जाने क्या कर रहे हैं? ...

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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में विदेशी धन

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में विदेशी धन

लोकतंत्र को एक बड़े राजनीतिक धोखे में बदल दिया गया है। ‘‘अपने देश की सरकार बनाने का अधिकार उस देश की आम जनता को है‘‘ को भले ही सैद्धांतिक रूप से मान्यता मिली हुई है, किंतु, अब ऐसा नहीं रह ...

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स्मृति जी खुश हैं

स्मृति जी खुश हैं

मोदी जी ने अपने मंत्री मंडल में विस्तार किया। फेर बदल किये। क्षमता का आंकलन किया गया और अपनी क्षमता के आगे लोगों को नत्मस्तक कर दिया। चुनाव है तो यह सब करना ही पड़ेगा। उन्होंने स्मृति जी को लोगों ...

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हथियारों की खपत के लिये युद्ध का निर्यात

हथियारों की खपत के लिये युद्ध का निर्यात

राज्यों के विस्तार और साम्राज्यों के उदय के साथ ही हथियारों का उत्पादन एक उद्योग बन गया है। जैसे-जैसे  हथियारों पर सरकारों की निर्भरता बढ़ती गयी, वैसे-वैसे इस उद्योग का विस्तार होता चला गया। आज संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का ...

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एक अच्छी खबर के लिये शुभकामनायें

एक अच्छी खबर के लिये शुभकामनायें

आईये, एक अच्छी खबर बांटें। आशीष मिश्र को अनुनाद सम्मान मिला। आशीष मेरे लिये बीएचयू के शोध छात्र हैं, एक छोटा सा कमरा है पहली मंजिल पर। उन सीढ़ियों से ऊपर चढ़ कर जिन पर सप्ताह में एक बार झाडू ...

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