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Monthly Archives: September 2016

जेएनयू एक खुली किताब है – 2

जेएनयू एक खुली किताब है – 2

‘जेएनयू एक खुली किताब‘ के तहत हमने देश के वामपंथी और कम्युनिस्ट पार्टियों से बातें की थी, बातें हम उन्हीं से करेंगे, क्योंकि मार्क्सवाद से हमारा अपना नाता है, मगर बीच में एक ऐसी सरकार घुस आयी है, जिसे प्रकाश ...

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उड़ी आतंकी हमला – 2

उड़ी आतंकी हमला – 2

इस बात के ठोस प्रमाण हैं, कि दुनिया के अधिकांश आतंकी संगठनों के पीछे यूरोपीय देश, अमेरिकी साम्राज्य और उसके मित्र देश हैं। उन्हीं के आर्थिक सहयोग, कूटनीतिक समर्थन और दिखावटी विरोध से आतंकी संगठनों की सांसें चल रही हैं, ...

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एक दूसरे पर लदे दिन

एक दूसरे पर लदे दिन

एक दिन को मैं दूसरे दिन पर रख देता हूं यह जानते हुए कि रखे हुए दिनों की अपनी मुसीबतें हैं, उन्हें रोज नये दिन का बोझ उठाना पड़ता है, रातें गुजारनी पड़ती हैं आशंकाओं में, जिन बातों पर उनका ...

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उड़ी आतंकी हमला

उड़ी आतंकी हमला

जम्मु-कश्मीर के उड़ी सैन्य मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बारे में कुछ भी कहने या लिखने से पहले हम यह खुले तौर पर घोषित करते हैं, कि हम आतंकवाद के खिलाफ हैं। हर किस्म के आतंकवाद के खिलाफ हैं, ...

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अनवर सुहैल की तीन कविताएं

अनवर सुहैल की तीन कविताएं

1. भागते रहे हम छिपे हुए है कैमरे गुपचुप टोह में हैं और उनकी शिकारी निगाहें खोज रही हैं भागते रहे हम और बचाते रहे अपना वजूद कि संसार में बची रहे हुनर और कला शिकारी निगाहों से बचते-बचाते घने ...

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बुरे दिनों की पहचान

बुरे दिनों की पहचान

अच्छे दिनों की पहचान तो हो नहीं सकी, बुरे दिनों की पहचान हमें कर लेनी चाहिये। क्या कहते हैं, आप? कहने को शायद कुछ भी नहीं है, लेकिन क्या कीजियेगा, हम जिसे जानते और पहचानते हैं, कई बार उसकी पहचान ...

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जेएनयू एक खुली किताब है

जेएनयू एक खुली किताब है

जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय -जेएनयू- एक खुली किताब है, जिसे भाजपा और संघ जैसे फॉसिस्ट ताकतों से ज्यादा देश के वामपंथी उन राजनीतिक दलों को पढ़ना चाहिये जिन्होंने ‘सर्वहारा क्रांति‘ की सोच से किनारा कर लिया है, और ‘विकास के ...

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भारत का अमेरिकी खेमें में दाखिला

भारत का अमेरिकी खेमें में दाखिला

‘‘पंगू विदेश नीति से छुटकारा मिला है।‘‘ सुनते हैं। यह भी सुनने को मिल रहा है, कि ‘‘नरेंद्र मोदी ने भारत की शाख वैश्विक मंच पर बढ़ा दी है।‘‘ शायद सही है। मीडिया यही समझा रही हैं। मगर पंगू के ...

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ओबामा प्रकरण – शिखर वार्ताओं के मुद्दों को गायब रखने की कवायत

ओबामा प्रकरण – शिखर वार्ताओं के मुद्दों को गायब रखने की कवायत

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश पर जूतों की मेहरबानी रही। फेके तो गये मगर पड़ा नहीं। बराक ओबामा की वैश्विक विदाई अपने लिये रचे गये विशेष से कमतर व्यवहार और अब गालियों की सौगात से हो रही है। ...

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निखिल ‘नादां’ की तीन कविताएं

निखिल ‘नादां’ की तीन कविताएं

1. बातें बातें बहुत जरुरी हैं, एक रोज़ कुछ हुआ तुम्हे, तुमने एक दो बातें कम कीं मुझसे, अगली रोज़ मैंने भी दो बातें कम की तुमसे | फिर एक रोज़, बातें बंद हो गयी | दीवारों से, तुम्हारी दी ...

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