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Monthly Archives: January 2017

अपने को बचाने की लड़ाई

अपने को बचाने की लड़ाई

‘कांग्रेस’ ने थोड़ा झुक कर ही सही, उत्तर प्रदेश में ‘समाजवादी पार्टी’ से चुनावी दोस्ती गांठ ली है। एक ऐसे गठजोड़ का निर्माण हो गया है, जो ‘बहुजन समाज पार्टी’ ही नहीं ‘भारतीय जनता पार्टी’ के लिये भी चुनौती है। ...

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गणतंत्र के पक्ष में खड़ा होने की चुनौती

गणतंत्र के पक्ष में खड़ा होने की चुनौती

विभाजन के बाद देश की आजादी को सुरक्षित रखने के लिये जिस लोकतंत्र और संघीय गणतंत्र की स्थापना की गयी थी, उसकी दिशा अब बदल गयी है। प्रतीक चिन्ह और आदर्शों का स्वरूप बदल गया है। राष्ट्रगान में ‘अधिनायक’ पर ...

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ट्रंप का व्हाईट हाउस में होना

ट्रंप का व्हाईट हाउस में होना

डोनाल्ड ट्रंप व्हाईट हाउस में हैं। यह किसी के लिये अच्छी खबर नहीं है, न संयुक्त राज्य अमेरिका के लिये, और ना ही विश्व समुदाय के लिये। कहा यही जा रहा है, और प्रचारित भी यही किया जा रहा है। ...

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हमने जो सुना, हमने जो देखा है

हमने जो सुना, हमने जो देखा है

देश में सरकार हमारी है और चरवाहा कस्साई नहीं यह हमने सुना है। X X X देखा है हमने चरवाहे को मवेशियों का झुण्ड ले जाते हुए, झुण्ड में गाय-बैल भेंड़-बकरियां और माल-असबाब ढ़ोने वाले सभी मवेशी हैं, वो लोग ...

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‘आप इराक में असफल होंगे’ -सद्दाम – 2

‘आप इराक में असफल होंगे’ -सद्दाम – 2

सद्दाम हुसैन जुलाई 1979 से अप्रैल 2003 तक इराक की सत्ता में रहे। 30 दिसम्बर 2006 को ईद-अल-अदहा के दिन उन्हें फांसी दी गयी। यह दिन इस्लाम के आधार पर ‘आत्मस्वीकृति और त्याग’ का दिन है। जिसे उन्होंने कभी स्वीकार ...

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‘आप इराक में असफल होंगे’ -सद्दाम – 1

‘आप इराक में असफल होंगे’ -सद्दाम – 1

इराक की हत्या की गयी। उसके संघर्षों को सद्दाम हुसैन की तरह फांसी के फंदे से टांग दिया गया। आज भी इराक अमेरिकी साम्राज्य और साम्राज्यवादी ताकतों से उनके कारनामों के खिलाफ लड़ रहा है। अमेरिकी आतंक और ‘इस्लामिक स्टेट ...

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नोटों के जाल में बेहाल

नोटों के जाल में बेहाल

सरकार की नीतियां बड़ी शानदार हैं। वह अपनी सूरत बनाने और चमकाने में लगी है, इसलिये वह सिर्फ और सिर्फ अपने लिये काम कर रही है, और उन अपनों के लिये काम कर रही है, जो सरकार बनाने में उसके ...

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बहुमंजिली ईमारत पर टंगा ‘देश‘

बहुमंजिली ईमारत पर टंगा ‘देश‘

चंद लोग आये और उन्होंने देश के प्रधानमंत्री की तस्वीर को बहुमंजिली ईमारत के महत्वपूर्ण हिस्से पर टांग दिया। प्रधानमंत्री जी आराम से टंग गये। उन्हें यहां-वहां टंगना दीवारों पर चिपकना अच्छा लगता है। किसी ने कुछ नहीं कहा। टांगने ...

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सोवियत संघ के विघटन के सूत्रधार – 3

सोवियत संघ के विघटन के सूत्रधार – 3

गोर्बाचोव अपने काले कारनामों के गवाह हैं। उन्होंने सोवियत संघ के विघटन को ऐतिहासिक दुर्घटना ही नहीं बनाया, बल्कि समाजवादी विश्व, वैश्विक आर्थिक एवं सामरिक संतुलन और साम्राज्यवादी आतंक के विरूद्ध तीसरी दुनिया के देशों की सुरक्षा एवं उनके विकास ...

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सोवियत संघ के विघटन के सूत्रधार – 2

सोवियत संघ के विघटन के सूत्रधार – 2

‘‘मैं उनके (गोर्बाचोव) किसी भी बात पर विश्वास नहीं करता’’ रूस की कम्युनिस्ट पार्टी के वॉलेरी राश्किन ने कहा- ‘‘गोर्बाचोव लोकतंत्र के प्रवर्तक और ऐसे सिक्रेट एजेन्ट हैं जो संदेहास्पद लोगों को गलत काम करने के लिये उकसाते हैं। वे ...

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