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कोलम्बिया- अमेरिकी सेना का सेक्स दुराचार

ColombiaReports

संयुक्त राज्य अमेरिका लातिनी अमेरिकी देशों में अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत करने में लगा है, ताकि रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव और पूरे महाद्वीप में फैलते अमेरिकी विरोध को रोका जा सके। उसकी नीतियां सैन्य दबाव को बढ़ाने की हैं लेकिन उसकी सेना जहां भी होती है, वहां हत्या और बलात्कार जैसे इतने कारनामों को अंजाम देती है, कि अमेरिकी सरकार की पहले से विवादित विश्वसनियता खतरे में पड़ जाती है, और पहले से बद्नाम अमेरिकी सेना हत्या और सेक्स अपराध का पयार्य बन जाती है। उसके मित्र देशों में भी अमेरिकी सेना का स्वागत एक खौफ की तरह ही होता हैं जबकि अमेरिकी सरकार कोलम्बिया, चिली, पेरू, पनामा और पराग्वे जैसे देशों पर अमेरिकी सेना के नेतृत्व में, सैन्यकरण का दबाव बना कर रखती है।

वेनेजुएला में जारी ‘राजनीतिक अस्थिरता के लिये‘ चलाये जा रहे अभियानों एवं कार्यवाही में कोलम्बिया संयुक्त राज्य अमेरिका का सबसे बड़ा सहयोगी देश है। फरवरी 2015 में जारी एक रिपोर्ट एक बार फिर चर्चा में आ गयी है। जिसके अनुसार 2003 से 2007 के बीच, जिस समय कोलम्बिया में अमेरिकी सैन्य टुकडियां थीं, उस दौरान कम से कम 54 कोलम्बियायी लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ। बलात्कारी अमेरिकी सैन्य अधिकारी हैं।

कोलम्बिया की मीडिया के अनुसार- ‘‘कोलम्बिया की सरकार ने उन महिलाओं से, जो कि अमेरिकी सैन्य टुकडियों के सेक्स सम्बंधि हिंसा की शिकार हुई हैं, कहा है, कि ‘‘वे उस घटना से जुड़े किसी भी तरह की सूचना एवं जानकारी के साथ, अधिकारियों के सामने आयें।‘‘

800 पृष्ट की यह रिपोर्ट कोलम्बिया की सरकार और रिवोल्यूशनरी आर्मड फोर्स आॅफ कोलम्बिया-गुरिल्ला ग्रूप ने संयुक्त रूप से तैयार किया है। इन दोनों पक्षों के बीच हवाना -क्यूबा- में हुए 2012 की शांतिवार्ता के दौरान हुआ। इस रिपोर्ट में अमेरिकी सैन्य अधिकारी एवं सैनिकों के द्वारा कम से कम 53 कमउम्र लड़कियों के साथ किये गये बलात्कार के बारे में प्रमाण सहित पूरी जानकारी है। अमेरिकी सेना के द्वारा शिकार बनायी गयी सभी लडकियां -तोलेमाइडा- सैनिक बस और सेण्ट्रल कोलम्बिया के शहर मेलगान की हैं। इनमें से सबसे कम उम्र एक 12 साल की लड़की है। जिसको अगवा किया गया, उसे ड्रग दिया गया और मिलिट्री बेस में एक सार्जेण्ट माइकल जे. कोएन और एक डिफेन्स काॅन्ट्रेक्टर सीजर रूइज़ ने उसके साथ हिंसक तरीके से बलात्कार किया।

इन वारदातों की जांच करने वाले दल ने यह भी पाया है, कि इसमें सम्बद्ध अमेरिकी सैन्य अधिकारी इन अपराधों का ‘विडियो टेप‘ बना कर उसे ‘पोर्नोग्राफी‘ के रूप में बेचते भी थे।

संभवतः अमेरिकी सेना हत्या, बलात्कार, नशीले पदार्थों की तश्करी के साथ अब पोर्नोग्राफी के बाजार तक भी पहुंच गयी। निर्मम हत्या, यंत्रणा और मानव अंगों के साथ तस्वीर खींचने और खिंचवाने का शौक उन्हें पहले से है। वैसे जहां भी अमेरिकी एवं नाटो देशों की सेनायें पहुंचती हैं, वहां वर्दी की अराजकता फैल जाती है। अमेरिकी व्यवस्था की तरह ही अमेरिकी सेना मानसिक रूप से पूरी तरह बीमार हो चुकी है। वित्तीय पूंजी की चाकरी और नस्लवाद ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा है। जिसे वो अमेरिकी श्रेष्ठता और वर्चस्व के नजरिये से देखते हैं, और जो ऐसा नहीं कर पाते, वो अपना सम्मान और तमगा उतार कर सड़कों पर फेंकते हैं, या मानसिक रोगी का जीवन जीते हैं, या आत्महत्या कर लेते हैं।

कोलम्बिया फेमिली वेलफेयर इन्स्टीच्यूट -आईसीबीएफ- की डाॅयरेक्टर क्रिस्टीना प्लाजस ने आदेश जारी किया है, कि ‘‘ऐसी लड़कियों की खोज करने के लिये एक विशेष समिति गठित की जाये और उन्होंने सेक्स हिंसा की शिकार लड़कियों से अपील किया है, कि वो सामने आयें।‘‘‘

उन्होंने एल तिम्पो समाचार पत्र में कहा कि ‘‘स्पेशल कमेटी ऐसी महिलाओं को सक्रियता से खोजेगी, ताकि इस बारे में आरोप पत्र दाखिल किया जाये और इसके साथ उन्हें सरकार की ओर से मनोवैज्ञानिक समर्थन दिया जा सके।‘‘

नेशनल पेडाॅगोलाॅजिकल यूनिव्हरसिटी के डिपार्टमेण्ट आॅफ सोशल साईंस के प्रमुख और इस रिपोर्ट के सहयोगी रेनान वेगा ने कहा कि ‘‘इतने सालों तक इन अपराधियों को सजा नहीं मिली, क्योंकि अमेरिका को कोलम्बिया में विशेष अधिकार प्राप्त है, और यह द्विपक्षीय समझौते और अमेरिका के द्वारा कोलम्बिया को दिये जाने वाले सैनिक सहयोग की वजह से है।‘‘ वेगा के अनुसार- ‘‘अमेरिकी अधिकारियों को कोलम्बिया में 1974 के ‘मिलिट्री मिशन एग्रीमेण्ट‘ के तहत कूटनीतिक संरक्षण प्राप्त है।‘‘ दोनों देशों के बीच 1999 में शुरू किये गये ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई से द्विपक्षीय सम्बंधो में काफी निकटता आयी है। जो अब वेगा के अनुसार- ‘‘अमेरिकी सैन्य टुकडियों ने कोलम्बिया में असुरक्षा की भावनाओं को बढ़ाने का काम किया है।‘‘

बोगोटा में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने इस बारे में कहा है, कि ‘‘वह किसी भी सैन्य अधिकारी के द्वारा सेक्स सम्बंधी दुराचार को काफी गंभीरता से ले रहा है।‘‘ ऐसे मामलों में अमेरिकी गंभीरता किसी मुकाम तक पहुंचेगी या नहीं? यह अनुमान लगाया जा सकता है, खास कर तब, जब कोलम्बिया में अमेरिका समर्थित ऐसी सरकर है, जो महाद्वीपीय एकजुटता और जनसमर्थक समाजवादी सरकारों के खिलाफ अमेरिकी अभियान का महत्वपूर्ण सदस्य है। इस बात की घोषणां की गयी है कि ‘‘अमेरिकी और कोलम्बियायी अधिकारी सेक्स दुराचार के इस प्रकरण की संयुक्त जांच करेंगे।‘‘

इसी दौरान मार्च में एक और भी खुलासा हुआ, जिसक अनुसार ‘‘यूनाइटेड स्टेट ड्रग इम्फोर्समेंट एजेन्सी‘ के कई एजेन्ट कोलम्बिया के ‘ड्रग उत्पादक संघ‘ द्वारा आयोजित ‘सेक्स पार्टी‘ में हिस्सा लेते रहे हैं।‘‘ यह जानकारी अमेरिका के ‘डिपार्टमेंट आॅफ जस्टिस‘ के इंस्पेक्टर जनरल माइकल होरोवित्ज द्वारा किये गये जांच से सामने आयी। यह सच कई सिक्रेट सर्विस और ड्रग इम्फोर्समेंट एजेन्सी के एजेन्टों पर कार्टाजेना में वेश्यावृत्ति स्केण्ड में उनकी सम्बद्धता के आरोपों के ‘कांग्रेसनल इंक्वायरी‘ के दौरान सामने आया।

कार्टाजेना की यह घटना 2012 की है। मगर इस तरह के आयोजनों मे अमेरिकी ड्रग इम्फोर्समेंट एजेन्सी के एजेन्टों के हिस्सा लेने की खबर 2001 से ही आती रही हैं 26 मार्च को डिपार्टमेंट आॅफ जस्टिस ने साल 2005 से 2008 के बीच की वारदातों का खुलासा किया। इन्स्पेक्टर जनरल के रिपोर्ट से यह बात भी सामने आयी है, कि ‘‘अमेरिकी ड्रग इम्फोर्समेंट एजेन्सी के एजेन्ट ‘ड्रग संघ‘ केे सदस्यों से डाॅलर, महंगे उपहार और हथियार भी रिश्वत के रूप में लेते थे।‘‘

इस तरह कोलम्बिया के सहयोग के लिये गयी अमेरिकी सेना, अमेरिकी बेस और ड्रग तस्करी को रोकने के लिये गये अमेरिकी एजेन्ट रिश्वत, दुराचार और अपराधिक गतिविधियों में आकंठ डूबे हुए थे। उन्होंने कोलम्बिया में सामाजिक असुरक्षा की भावना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। अमेरिकी सैन्य टुकडियों के द्वारा किये गये हिंसक वारदातों और सेक्स अपराधों की शिकार लड़कयों के परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जाती रही हैं। डरे हुए ऐसे लोग अपने शहर और उस इलाके से जान बचाने के लिये, भागने पर विवश हो रहे हैं। कोलम्बिया की सरकार उन्हें आश्वस्त नहीं कर पा रही है।

ऐसी पार्टियों में 10 एजेन्टो -जिनमें एक असिस्टेंट रिजनल डाॅयरेक्टर और नौ स्पेशल एजेन्ट- ने हिस्सा लिया था। जिसका आयोजन सरकार के द्वारा लीज पर दिये गये सम्पत्ति पर किया गया था, जिनमें टैक्स के पैसों का उपयोग किया गया।

जांच के बाद 7 एजेन्टों ने ऐसे आयोजनों में शामिल होने की बात को स्वीकार किया और उन्हें 2 से 10 दिनों के लिये सस्पेड किया गया था। कोलम्बिया में ड्रग माफियाओं के द्वारा ऐसे दर्जनों सेक्स पार्टी के आयोजन हुए हैं, जिसमें अमेरिकी एजेन्ट शामिल होते थे।

अमेरिकी सेना, उसके अधिकारियों के द्वारा 53 कम उम्र कोलम्बियायी लड़कियों के साथ किये गये दुराचार और अमेरिकी ड्रग इम्फोर्स एजेन्सी के एजेंटों के सेक्स पार्टी में शामिल होने के खुलासों के लिये अमेरिका प्रेस में कोई जगह नहीं थी। उन्होंने इसे कोई जगह नहीं दी। इधर अप्रैल में ‘डिफेन्स डाॅट काॅम‘ ने खुलासा किया है, कि संयुक्त राज्य अमेरिका अपने स्पेशल फोर्स की तैनाती लातिनी अमेरिकी देशों में करेगा। अनुमान है, कि यह तैनाती इसी माह जून के अंत में या जुलाई के पहले सप्ताह तक हुण्डूरास के पालमेरोला बेस में की जायेगी। जिसे लातिनी अमेरिकी देशों के लिये आने वाले कल में गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी सरकार इस महाद्वीप में अपने टूटते वर्चस्व को बनाये रखने की लड़ाई शुरू कर रही है। जो एक हारी हुई लड़ाई के अलावा और कुछ नहीं होगा।

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