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हर कलाकार एक ब्राॅण्ड है

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आज हर कलाकार एक ब्राण्ड है।

जो जितना बड़ा ब्राण्ड है, वह उतना बड़ा कलाकाार है। और जो जितना बड़ा कलाकार है, वह उतना ही बड़ा ब्राण्ड है।

ब्राण्ड के बिना न तो टोपी की कीमत है, ना जूते की। दिल की कीमत है, ना दिमाग की। अपने को बेचना ही कला है। कलाकारी है। कलाकार होने का गुण धर्म है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा- ‘‘मोदी जी अद्भूत कलाकार हैं।‘‘

और हमारे सामने बड़े-बड़े कलाकार नाचने-गाने लगे, हंसने-हंसाने लगे। यह बताने लगे, कि हम क्या खरीदें, क्या न खरीदें। किसे चुने किसे न चुनें। बिहार का चुनाव ब्राण्ड का चुनाव हो गया। किसे खरीदें, किसे न खरीदें, चुनावी मसला हो गया।

मोदी जी अपना ब्राण्ड ले कर बिहार पहुंच गये।

उन्हें लगा- ‘‘लोग जादू-टोना, टोटका बेच और खरीद रहे हैं।‘‘ जबकि न कोई बेच रहा था, ना कोई खरीद रहा था। मगर उनकी सोच तो सोच है। उन्होंने अपना जादूई चोंगा पहन लिया, और लगे जादू दिखाने।

किरदार दमदार था। कलाकार वो दमदार हैं ही।

चुनावी राजनीति का जादू-टोना, टोटका करण हो गया। उन्हें लगा ताल ठोंक देना चाहिये। और उन्होंने ताल ठोंक दिया-

‘‘लालू जी आप काला कबूतर काटो, धूप-धुआं करो, लेकिन लोकतंत्र जादू-टोना से नहीं चलता है। जादू-टोना और सरसो-लाल मिर्च से विकास नहीं होता है।‘‘ और उन्होंने लोकतंत्र और विकास की जगह खुद को खड़ा कर दिया।

‘‘क्या लोकतंत्र के साथ ऐसा खिलवाड़ किया जायेगा?‘‘

भला मोदी जी के रहते कोई दूसरा लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर सकता है?

और देखते ही देखते जादूगर बने कलाकारों के बीच लोकतंत्र काला कबूतर, उजला कौवा बन गया।

जिसके लिये जान की बाजी लगाने वाले राजनेताओं की कभी इस देश में कमी नहीं रही।

मोदी जी ने भी, जान की बाजी लगा दी- ‘‘लालू जी, आप मुझे मार दो। जहां बोलो आ जाऊंगा, लेकिन भगवान के लिये कबूतर और कौवा को मत मारो।‘‘

काला कबूतर और उजले कौवे के समर्थकों ने तालियां बजाई।

मोदी जी जोशीले कलाकार हैं। विकास योजनाओं का कूढ़ा लगा देते हैं। उन्होंने पढ़ाई, कमाई और दवाई के साथ बिजली, पानी और सड़क की थाली परोस दी। पंगत में लोगों को बठा कर चुग्गा चुनवाने में माहीर हैं। उन्होंने अपने ब्राण्ड की जड़ी-बूटी थमा कर कहा- ‘‘समस्या की एक ही जड़ी-बूटी है, और वह है- विकास।

जो विकास करेगा, वह अम्बानी बनेगा और जो विकास नहीं करेगा, वह औघड़ दानी बनेगा।

उन्होंने ‘राष्ट्रीय जनता दल‘ को अपना नाम बदल कर ‘राष्ट्रीय जादू-टोना दल‘ करने की सलाह दी।

सुन कर अच्छा लगा।

यदि ‘राष्ट्रीय जनता दल‘ अपना नाम बदल कर ‘राष्ट्रीय जादू-टोना दल‘ रख ले तो नाम बदलने का विकल्प ‘भारतीय जनता पार्टी‘ के सामने भी खुल जायेगा।

हमारी सलाह है, कि मोदी जी, आप ‘भारतीय जनता पार्टी‘ का नाम बदल कर ‘भारतीय झण्डा-डण्डा पार्टी‘ रख लें। वैसे ‘भारतीय नमो-नमन पार्टी‘ भी बुरा नहीं होगा।

क्या खयाल है आपका?

यह आपके नाम और सिद्धांत दोनों का प्रतिनिधित्व करेगी।

नमो मंत्र आप मुफ्त में बांटते हैं, और झण्डा के साथ डण्डा को नमन भी स्वाभाविक रूप से हो जाता है।

वैसे भी, आज पूरी व्यवस्था बाजार के सामने नत्मस्तक है।

हमारी पढ़ाई, बाजर के लिये,

हमारी कमाई, बाजार के लिये,

हमारी दवाई, बाजार के लिये,

बिजली, पानी और सड़क, बाजार के लिये,

देश का विकास, बाजार के लिये,

और आपकी ढि़ठाई भी बाजार के लिये,

आपने ठीक कहा बिहार में ‘थ्री इडियट‘ हैं- जनता, समता और कांग्रेस।

‘थ्री इडियट‘ के किरदार और कलाकार अपने क्षेत्र के जीनियस हैं, और आप सबसे बड़े कलाकार हैं, अद्भुत।

क्या कहें आपको, ‘इडियट‘ शब्द आप पर जंचेगा नहीं, आप तो देश के इकलौते जीनियस हैं। आप से बड़ा जीनियस न हुआ है, न होगा और ना ही होना चाहिये।

हम तो यही कहेंगे- ‘‘अच्छे दिन सबको नसीब हो।‘‘

आमीन।

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