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स्पेन में वित्तीय संकट गलियों और सड़कों पर फटेहाल है

A homeless man begs for money in Athensस्पेन का वित्तीय संकट अब गलियों और सड़कों पर फटेहाल घूमने लगा है। सरकार की नीति और यूरोपीय संघ के निर्णयों के खिलाफ नाराज लोग यदि सड़कों पर हैं, तो समाज का सबसे कमजोर वर्ग सरकारी कटौतियों के साथ अपनी जरूरतें घटाता हुआ इतना थक गया है, कि न चाहते हुए भी उसकी नजदीकियां उन जगहों से बढ़ती जा रही है, जहां एक्सपायरी खाध पदार्थ और खाने का सामान फेंका जाता है। खुले शब्दों में कहा जा सकता है कि स्पेन में ऐसे लोगों की तादाद बढ़ती जा रही है, जो डस्टबिन में अपने लिये भोजन तलाशते हैं।

बच्चों की मौजूदा सिथति पर जारी यूनिसेफ के रिपोर्ट में बारसीलोना के कामगरों की बस्ती के पास रहने वाले प्रमुख ने बताया है, कि ”पिछले दो सालों में मैंने जितने भी भयानक नजारे देखे हैं, उनमें एक स्कूल में पढ़ने वाले लड़के को कचड़े में खाना तलाशने का नजारा मेरे लिये सबसे भयानक और दहशत पैदा करने वाला नजारा है।” जिसे स्पेन की सरकार अभिभावकों को गल्ती और एक-आध घटना करार दे, नकारने की कोशिश कर रही है।

”स्पेन के परिवारों के आय में आ रही लगातार गिरावट की वजह से लोग अपनी मूलभूत जरूरतों में क्रमश: कटौतियां करने को विवश हैं।” यह जानकारी स्पेन में ‘यूनिसेफ चाइल्ड पालिसी’ के प्रति जिम्मेदार गाबि्रएल गोंज़ालेज़ बुएनो के वक्तव्य से मिली। उन्होंने बताया- ”पहले उन्होंने खाने के सामान के स्तर को घटाया, और सस्ते सामानों की खरीददारियां की। इसके बाद मांस और मछली और फिर उन्होंने सब्जी और ताजा बटर खरीदना बंद कर दिया। अब वो चावल और पास्ता भर खाते हैं। और अब उनके सामने इसे भी कम करने की सिथतियां हैं।”

परिवार की आय में लगातार हो रही गिरावट का प्रभाव स्पेन के, बच्चों पर भी पड़ रहा है। गरीबी और कुपोषण बढ़ता जा रहा है। विकसित एवं अमीर देशों में बच्चे की सिथति के बारे में जारी रिपोर्ट के अनुसार स्पेन में 16 साल के अंदर के 13 बच्चे -लगभग 2.3 मिलियन बच्चे भुखमरी का खतरा झेल रहे हैं। यह संख्या निश्चय ही बढ़ी है, क्योंकि इस बीच स्पेन में बेरोजगारी दर तेजी से बढ़ी है। लोगों की आर्थिक अनिश्चयता बढ़ी है और समाज में आर्थिक असमानता भी पहले से बहुत ज्यादा बढ़ गयी है। यूरोप के अन्य संकटग्रस्त देशों की तरह ही उस पर कर्ज का बोझ है, और मुक्त बाजारव्यवस्था की वित्तीय विसंगतियां उभर आयी हैं।

इस समय स्पेन में 7,60,000 परिवार ऐसे हैं, जिनके पास काम नहीं है। परिवार का एक भी वयस्क सदस्य काम नहीं करता। पिछले साल की तुलना में 46,000 ऐसे परिवार बढ़े हैं। कैटलन ओमबुदसमन के एक जारी रिपोर्ट के अनुसार -यह क्षेत्र स्पेन के सबसे धनी इलाकों में से एक है, मगर 16 साल के अंदर के 28 प्रतिशत -लगभग 3,45,000 बच्चों पर गरीबी का खतरा मंडरा रहा है। स्कूलों में पढ़ने वाले ऐसे बच्चे धीरे-धीरे वहां मिलने वाले भोजन पर निर्भर हो गये हैंं। ऐसी सिथति में तीन महीने के लिये स्कूलों के बंद होने -गर्मी की छुटटी- के वजह से लोगों के सामने अपने बच्चों के लिये भोजन की व्यवस्था करना और भी कठिन हो गया है। वहां की स्थानीय सरकार के द्वारा की जा रही कटौतियों के तहत ऐसे मद में 50 प्रतिशत की कटौती कर दी गयी है।

कनैरी आर्इलैण्ड के सांता क्रुज़ द तेनेरिफे में गर्मी की छुटिटयों के दौरान इंगिलश कोर्स के लिये एलीमेण्ट्री स्कूल खोला गया, जिसका मकसद गरीब परिवार के बच्चों को कम से कम एक वक्त खाने की व्यवस्था हो जाये। स्पेन में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर -लगभग 40 प्रतिशत- इसी क्षेत्र में है। बारसीलोना के एक प्रार्इमरी स्कूल के प्रमुख ने बताया कि ”बच्चे सुबह पेट में दर्द की शिकायत करते हैं। ऐसे बच्चों से जानकारी लेने पर अक्सर पता चलता है कि कल रात 7 बजे के बाद इन बच्चों ने कुछ नहीं खाया है।” उन्होंने इस बात पर भी गौर किया है कि ऐसे बच्चे या तो जूठा बचा खाना उठा कर खा लेते हैं या अपने साथ बढ़ने वाले बच्चों से खाना मांग रहे होते हैं।” स्कूल के प्रमुख एल-पार्इस ने ही बताया कि उन्होंने ऐसे बच्चों को डस्टबिन से खाना निकालते देखा है।

स्पेन की क्षेत्रीय सरकार इस सच को स्वीकार कर, उसे हल करने के स्थान पर गलत बयानी कर रही है। उसने इस बात को ही खारिज कर दिया कि ”यहां भुखमरी की समस्या है।” पीपी कांग्रेस के प्रवक्ता राफेल हरनाण्डो ने कहा कि ”लोगों को इन खबरों से गुमराह नहीं होना चाहिये।” मगर सच सरकारी बयान से कहीं ज्यादा भयानक है, और लोगों में सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी है।

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