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शोभा रस्तोगी की पांच कविताएँ

शोभा  जी1. अंतर में एक आग है

मेरे घर में धूप नहीं आती
अंतर में एक आग है
उजाला वहीं से आता है
सिकती हैं घर की दीवारें
और घर कुनकुने ताप में
मुस्कुराता है |—–

 

2. शब्द भीगे तेरे प्रेम में

शब्द भीगे तेरे प्रेम में ,
पत्थर हो गए , दूर जाने से तेरे ।
इक इक मौसम —–
– फ़ेरता रहा रंगों की कूचियां बेतरह,
उजली नदियों का नीर धोता रहा बेहिसाब,
बादल टुकड़ा टुकड़ा बरसते रहे
गुलाबी, सिन्दूरी आसमानी,
रात स्याह चादर पर चांदनी जाम लुढ़काती रही
उम्र के वसंत सीखते रहे गिनतियों से सवाल
मुड़ मुड़ के देखती रहें हसरतें
कि लौट आओ तुम शायद
पर तेरा न आना तो तय था
एक जुस्तजू आज भी
पलट इक दफ़ा बस जरा
कि मेरे शब्दों पे जमा शहद टपक पड़े ।

 

3. वक़्त की पथरीली सड़क

हाथ में हाथ कसे
चलते थे हम दोनों
कि तुम आगे बढ़ जाया करते थे
और मैं पीछे
तुम करते मेरी प्रतीक्षा
और फ़िर बढा देते हाथ
वक़्त की पथरीली सड़क
दू $$$$$$$$$$$$$$$$$$ र
तक मुड़ गई है
बहुत पीछे रह गई हूँ
बढ़ा रही हूं एक एक कदम
शायद ……
तुम इंतज़ार में हो मेरे
और अगले पल
बढ़ा के हाथ कहोगे
लो… बढ़ो आगे
थामो मेरा हाथ

 

4. और तुम कहते हो कि

अवसाद के गहनतम क्षणों की
अंध घनेरी रात में
कोई स्मृति तेरे साथ की
दबा देती है हल्के से हाथ
झर झर झरने फूट पड़ते हैं खिलखिलाहटों के
भरपूर दिन निकल आता है ।
एक…महज एक मुस्कान से तेरी
मेरे आँगन में हो जाती है दिवाली
फुलझड़ियों के भी दिन बहुर जाते हैं
अनारी रोशनी से चमक जाती है
अपनी तबियत ।
और तुम कहते हो कि
मुझे याद न किया करो .

 

5. अंधड़ हवा ने जिद की

दिल देहरी पर रख दिया था
जो तुमने नेह दीया
अंधड़ हवा ने जिद की
उसे बुझाने की
यादों की हथेलियाँ
लगी रहीं ओट देने में
देखो………
इसकी बाती
और ऊँची हो गई है |

 

परिचय :-

नाम – शोभा रस्तोगी
जन्म – अलीगढ़ [ उ.प्र.] शिक्षा – एम. ए. [अंग्रेजी-हिंदी ], बी. एड., शिक्षा विशारद, संगीत प्रभाकर [ तबला ] सम्प्रति – निगम प्रतिभा विद्यालय दिल्ली में अध्यापिका
पता – RZD – 208 B, डी.डी.ए. पार्क रोड, राज नगर – २ , पालम कालोनी, नई दिल्ली – 110077
ईमेल – shobharastogishobha@gmail.com

प्रकाशित कृति –
दिन अपने लिए – लघुकथा संग्रह [ २०१४]

प्रकाशित रचनाएँ –
हंस, कथादेश, कादम्बिनी, कल्पान्त, समाज कल्याण पत्रिका, संरचना, हिन्दी जगत, पुष्पगंधा, अविराम, हिंदी चेतना, विश्वा [अंतर्राष्ट्रीय ] आदि स्तरीय पत्रिकाओं में लघुकथा,कविता,कहानी,लेख,समीक्षा आदि प्रकाशित।खिडकियों पर टंगे लोग’लघुकथा संग्रह में लघुकथाएँ संकलित .

प्रसारण –
आकाशवाणी भोपाल से लेख प्रसारित | आकाशवाणी नई दिल्ली से कहानियाँ व कविताएँ प्रसारित तथा लघुकथा संग्रह – दिन अपने लिए – पर समीक्षात्मक साक्षात्कार |

अंतर्जालीय प्रकाशन –
शब्दांकन, सृजनगाथा, लघुकथा, जनगाथा, अभिव्यक्ति -अनुभूति, शब्दों के चाक, हिंदी हाइकू, साहित्यशिल्पी, शब्दकार, रचनाकार, स्वर्गविभा, हिंदी चेतना[कनाडा] पर शेर, लघुकथा, कविता, समीक्षा, कहानी, हाइकू आदि प्रकाशित ।

अनुवाद –
पंजाबी पत्रिका – मिन्नी – व् – छन – में लघुकथाओं का अनुवाद .

सम्मान –
युवा लघुकथाकार सम्मन २०१०,
पंचवटी राष्ट्रभाषा सम्मान २०११
नारायणी साहित्य सम्मान २०१२
प्रज्ञा साहित्य सम्मान २०१३
अंतर्राष्ट्रीय किसान परिषद् साहित्य सम्मान २०१३

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