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इलाहाबाद -निराला सभागार- में काम के अधिकार पर परिचर्चा

12651164_893083910790109_7231086630531817155_n‘यूथ फॉर राइट टू एम्प्लॉयमेंट’ नाम से संगठित युवाओं ने बेरोज़गारी के मुद्दे पर 8 फ़रवरी, सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के निराला सभागार में एक बड़ी परिचर्चा आयोजित की। इस परिचर्चा में 250 से अधिक युवाओं व विद्यार्थियों ने भागीदारी की। इस परिचर्चा में माना गया कि बेरोज़गारी भारत की सबसे बड़ी समस्या है। लाखों पद खाली पड़े हैं, उनके लिए पात्र लोगों की भारी तादाद है। स्वीकृत पदों के लिए वार्षिक बजट में वेतन-भत्ते आवंटित किए जाने के बाद भी संसाधनों की कमी का हवाला देकर झूठ बोला जाता है। इसमें तय किया गया कि बेरोज़गारी के मुद्दे को अब एक बड़े जन-आंदोलन के रूप में दमदारी से उठाना होगा। इस परिचर्चा में खाली पड़े पदों को भरने के लिए शीघ्र एक निष्पक्ष आयोग बनाकर भरने की मांग प्रमुख रूप से चर्चा में रही। बैठक में इस आशय का एक मांग पत्र सभी 404 विधायकों को भेजना तय किया गया। इसकी आपेक्षित प्रतिक्रिया न मिलने की दशा में इस मुद्दे को एक बड़े जन-आंदोलन की दिशा में ले जाने की सहमति बनाई गई। इस मुद्दे पर रचनात्मक, बौद्धिक व आन्दोलनात्मक स्तर की रणनीति भी बनाई गई। इस परिचर्चा  में शामिल सभी युवक-युवतियों ने इस मुद्दे का पुरज़ोर स्वागत किया और अपने स्तर पर बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आश्वाशन दिया।

‘यूथ फॉर राइट टू एम्प्लॉयमेंट’ के इस परिचर्चा में लक्ष्मण यादव, आशीष मिश्र, धनंजय सिंह, अरस्तू चौधरी, अखिलेश, अनुपम सिंह, कुलदीप कुशवाहा, रमाशंकर, अहमर ख़ान, अदनान, अमिता शामिल हुए।

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