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वाॅलमार्ट की बंद होती दुकानें और बढ़ती बेरोजगारी

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‘इकोनाॅमिक पाॅलिसी इन्स्टीच्यूट‘ के द्वारा हाल ही में जारी किये गये अध्ययन के अनुसार- ‘‘अमेरिका के 4 लाख कामगरों के बेरोजगार होने का मुख्य कारण वाॅलमार्ट और चीन के बीच का व्यापार घाटा है। अपने काम से हाथ धोने वाले 75 प्रतिशत कामगर उत्पादन क्षेत्र के हैं।‘‘

वाॅलमार्ट विश्व का सबसे बड़ा ‘रीटेलर‘ है। वह चीन से काफी सस्ते दरों में सामान की खरीदी करता है, और विश्व भर मे फैले रीटेल स्टोरों की श्रृंखला के जरिये उन्हें बेचता है।

अपने ‘ए कन्ज़रवेटिव एस्टिमेट आॅफ द वाॅलमार्ट इफेक्ट‘ में इकोनाॅमिक पाॅलिसी इन्स्टीच्यूट ने पाया कि साल 2001 से 2013 के बीच चीन से व्यापार में अमेरिका को जो व्यापार घाटा हुआ, उसमें वाॅलमार्ट 15.3 प्रतिशत की वृद्धि करने का जिम्मेदार है।

अकेले साल 2013 में, वाॅलमार्ट ने 49 बिलियन डाॅलर का चीन में बना सामान बेचा। उस साल अमेरिका और चीन के बीच व्यापार घाटा 324.4 बिलियन डाॅलर था। 2001 से 2013 के बीच इस घाटे की वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्थ को 3.2 मिलियन नौकरियों से हाथ धोना पड़ा। ये सभी नौकरियां या तो चीन में स्थानांतरित हो गयी, या पूरी तरह से समाप्त हो गयीं।

रिपोर्ट में कहा गया है, कि ‘‘वाॅलमार्ट का जरूरत से ज्यादा चीन से आयात पर निर्भरता यह दिखाता है, कि संयुक्त राज्य अमेरिका के कई शक्तिशाली लोगों (आर्थिक इकाईयों) को चीन के ‘अनैतिक व्यापार व्यवस्था‘ से भारी लाभ मिल रहा है। वैसे, वाॅलमार्ट का जो भी हासिल है, वह अमेरिका का हासिल नहीं है।‘‘ लेकिन, उसका नकारात्मक प्रभाव अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर निश्चित रूप से पड़ रहा है। रिपोर्ट में निष्कर्ष के रूप में यही कहा गया है, कि ‘‘चीन के सस्ते श्रम (लेबर) और व्यापार के तरीके को, अमेरिकी सरकार को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दे के रूप में देखना चाहिये, और उसका समाधान निकालना चाहिये।‘‘

इस निष्कर्ष की अपेक्षाओं के बारे में सिर्फ इतना ही कहा जा सकता है, कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अमेरिकी सरकार के नियंत्रण से इस सीमा तक बाहर है कि वह चाह कर भी निजी कम्पनियों एवं काॅरपोरेशनों के हितों के विरूद्ध कोई भी निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है।

15 जनवरी को वाॅलमार्ट ने घोषणां की है, कि वह वैश्विक स्तर पर संचालित अपने 269 स्टोर (आउटलेट) को बंद करने की तैयारी कर रहा है, जिसमें 154 स्टोर अमेरिका में हैं। इस निर्णय का प्रभाव लगभग 16,000 कर्मचारियों पर पड़ेगा। जिसकी वजह कर्मचारियों के वेतन में नाममात्र को की गयी वृद्धि और आॅनलाईन रिटेलर्स की प्रतिस्पद्र्धा बताया गया है। अमेरिका से बाहर 115 स्टोर बंद किये जायेंगे, जिसमें से ज्यादातर ब्राजील के स्टोर हैं।

पिछले एक साल में कम्पनी के स्टाॅक प्राईज में लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट आयी है। एक प्रेस वक्तव्य में वाॅलमार्ट के प्रेसिडेन्ट और सीईओ डगलस मैकमिलन ने कहा- ‘‘स्टोर को बंद करने का निर्णय कभी भी आसान नहीं होता, मगर यह कम्पनी को मजबूत करने और भविय में अपनी जगह बनाने के लिये जरूरी है।‘‘ वाॅलमार्ट के प्रमुख ने कम्पनी के स्टाॅक होल्डर्स को आश्वस्त किया, कि कटौती खुदरा क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के अनुपात में 1 प्रतिशत से भी कम है।‘‘

वैेश्विक स्तर पर 11,600 से ज्यादा वाॅलमार्ट के स्टोर हैं, जिसमें लगभग 2.2 मिलियन लोग काम करते हैं।

कम्पनी ने घोषणां की है, कि उसकी योजना अपने सभी ‘स्माॅलर स्केल एक्सप्रेस स्टोर्स‘ को बंद करने की है। वह अपनी पूरी क्षमता ‘आॅनलाईन सुपर सेंटर और नेबरहुड़ ग्रोसरी आउटलेट‘ के विस्तार में लगाने के लिये ऐसा कर रहा है।

अमेरिकी सरकार पर बेरोजगारी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले साल खनिज क्षेत्र में 1,30,000 नौकरियां लोगों के हाथों से निकल गयीं। उसके सभी क्षेत्रों में ऐसी ही जटिलतायें रोज बढ़ रही हैं। खुदरा व्यापार के क्षेत्रों में भी रोजगार घटते जा रहे है। जिसके मूल में निजी कम्पनियां हैं। जो सिर्फ और सिर्फ मुनाफे से संचालित होती हैं। यही कारण है, कि आम अमेरिकी भूख, गरीबी, बेरोजगारी और रोज गिरते जीवन स्तर से घिरता जा रही है, जबकि निजी कम्पनियों का मुनाफा लगातार बढ़ रहा है। वाॅल स्ट्रीट के वित्तीय संस्थानों एवं इकाईयों के खाते में भारी मुनाफा दर्ज हो रहा है। 14 जनवरी को जेपी माॅर्गन सेज ने पिछले साल के चैथी तिमाही में 5.4 बिलियन डाॅलर के मुनाफे की जानकारी दी, 2015 मे उसने 24.4 बिलियन डाॅलर कमाया।

ऐसे ही अधिकांश वित्तीय इकाईयां -निजी कम्पनी और काॅरपोरेशन भारी मुनाफा कमा रहे हैं, जबकि अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था पर कर्ज का भारी बोझ बढ़ता जा रहा है।

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