Home / साहित्य / कविता / मार दें आप, जेएनयू को मार दें

मार दें आप, जेएनयू को मार दें

Kanhaiya-Kumar-1-720x400

एक शिकंजा है
लोगों को कसने
कस कर उन्हें मारने के लिये।
आपने रोहित वेमुला को मारा
मैं तो कहता हूं आप
कन्हैया कुमार को मार दें,
उन तमाम लोगों को मार दें,
जिन्हें मारने का खयाल
आपके जेहन में है।
हमारा देश,
हमारे लोग
अभी आपके शिकंजे में हैं,
शिकंजे में कस कर उन्हें मार दें।

मार दें आप
जेएनयू को मार दें
उसकी खुली हवा
उसके माहौल को मार दें।
मार दें आप
उसके इंसानी तहजीब को
उन तमाम लोगों को मार दें
जो बनते हैं देश
समाज बनते हैं
और फिक्र करते हैं, अपनी दुनिया की।
उनकी सोच, उनकी समझ को मार दें।

मार दें आप
जेएनयू को मार दें
उसके फूल
उसके पौधे
उसकी खूबसूरती को मार दें
लाल पत्थर के एड ब्लाॅक को मार दें,
सच को सच
और झूठ को झूठ कहने वालों को मार दें।
उस मीडिया को डरा कर मार दें
जो अब तक आपके कहे में नहीं,
उसके ईमान
उसके जमीर को मार दें।

मार दें आप
जेएनयू को मार दें,
जहां-जहां दिखे जेएनयू
उसे आप वहां-वहां मार दें।
मार दें आप देश की आवाम को
शिकंज में फंसे हिन्दुस्तान को मार दें
डर लगता है, जिनसे आपको
उन तमाम लोगों को मार दें।
मार दें आप हमारी उम्मीदों को मार दें।
मगर क्या करें सड़े-गले लोगों
हमारी उम्मीदें
अगर
तुम पर भारी पड़ रही हैं?

-आलोकवर्द्धन

Print Friendly

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Select language:
Hindi
English
Scroll To Top