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वेनेजुएला में स्ट्रीट गर्वमेण्ट के दूसरे दौर की शुरूआत

020_MA_7566_Pलातिनी अमेरिका के समाजवादी देशों के हाथों में महाद्वीप का नेतृत्व आ गया है, जो ’21वीं सदी के समाजवाद’ का निर्माण न सिर्फ अपने देश में कर रहे हैं, बलिक समाजवादी विकास कार्यक्रमों के जरिये सामाजिक जनचेतना का निर्माण गैर समाजवादी देशों में भी कर रहे हैं। आम जनता के हितों के पक्ष में सरकार को खड़ा करने का प्रभाव उन देशों की सरकारों पर भी पड़ने लगा है, जो अमेरिकी समर्थक हैं, जहां आम जनता सड़कों पर है, और जहां जनविरोधी सरकारों के खिलाफ जनसंघर्षों की शुरूआत हो गयी है। समाजवादी देशों की सरकारों का आम जनता के पक्ष में खड़ा होना, वैकलिपक समाज व्यवस्था के रूप में विकसित हो रही है।

बोलिवेरियन क्रांति के रूप में समाजवाद का यूं खड़ा होना, सिर्फ अमेरिकी सरकार ही नहीं पूंजीवादी विश्व के लिये भी बड़ी चुनौती है, जो अपने आंतरिक विसंगतियों से पहले ही परेशान है। वैशिवक मंदी ने उसे उन सवालों से घेर दिया है, जिसे सुलझाना उसके लिये संभव नहीं है, क्योंकि यह उसकी समाज व्यवस्था की स्वाभाविक उपज है। उसका संकटग्रस्त होना पूर्वनिर्धारित है। यही कारण है कि वह इतिहास एवं समाज के विकास की दिशा को रोक कर खड़ा है, भले ही जन समस्याओं का समाधान उसके पास नहीं है।

आम जनता के पक्ष में सरकार को खड़ा करना, स्वाभाविक रूप से वित्तीय साम्राज्यवाद और उसकी पूंजीवादी समाज व्यवस्था के विरूद्ध खड़ा होना हो गया है। लातिनी अमेरिका की समाजवादी सरकारों ने जनतंत्र और जनवाद को नये संदर्भों से जोड़ दिया है। वेनेजुएला की सरकार राजभवनों से निकल चुकी है, वह गलियों और सड़कों पर आम जनता के बीच है। औधोगिक एवं खनिज इकार्इयों को कामगरों को सौंपा जा रहा है, और कम्यूनों के जरिये सरकार के अधिकार को आम जनता को सौंपा जा रहा है।

वेनेजुएला की मदुरो सरकार के सामने शावेज के निधन के बाद, उनके समाजवादी कार्यक्रमों को सही मुकाम तक पहुंचाने की गंभीर जिम्मेदारी है, और अब माना यही जाने लगा है, कि निकोलस मदुरो शावेज के सही उत्तराधिकारी हैं।

मजदूरों के नियंत्रण में कम्पनियों और कारखानों को सौंपने की कार्यनीति के साथ स्ट्रीट गर्वमेण्ट और कम्यूनों के निर्माण की क्रमिक प्रक्रिया तेज कर दी गयी है। राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में स्वीकृत इन योजनाओं को समाजवादी समाज निर्माण के आधार के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति मदुरो ने कहा कि ”हमारे यहां राज्य एवं सरकार के गठन की बुजुर्आ परम्परा है, और हम एक बुजर्ुआ राज्य और बुजर्ुआ सरकार से अपने घोषित लक्ष्य को नहीं पा सकते। हमारे सामने राज्य एवं सरकार के गठन की नयी परम्परा को बनाने की जिम्मेदारी है।” उन्होंने वर्तमान सरकार के मंत्रालय, उनकी गतिविधि और उसके गठन की प्रासंगिकता के सही मूल्यांकन पर जोर देते हुए सरकार के पुर्नगठन का प्रस्ताव रखा। उन्हाेंने समाजवादी समाज के निर्माण के लिये शावेज की सोच एवं योजनाओं को आधार बनाने तथा कम्यूनों के गठन, उन्हें मजबूत बनाते हुए स्ट्रीट गर्वमेण्ट की बात की। ताकि राज्य की सरकार को समाज के प्रति जिम्मेदार बनाया जा सके। शावेज सरकार में आम जनता की हिस्सेदार से ज्यादा उसे आम जनता के हाथों में सौंपने के पक्षधर रहे हैं। पूंजीवादी जनतंत्र से समाजवादी जनतंत्र के संक्रमण के कठिन दौर से गुजरते हुए मदुरो ने अपने को आम आदमी ही प्रमाणित किया है। उन्होंने कहा- ”हमें ‘मिनिस्ट्री आफ पिपुल्स पावर’ बनना पड़ेगा।”

मगर यह आसान नहीं है।

साम्राज्यवादी शकितयां और देश की प्रतिक्रियावादी ताकतें सक्रिय हैं, जो समाजवादी समाज के निर्माण के खिलाफ हैं। और हम यह नहीं कह सकते कि वेनेजुएला में प्रतिक्रियावादी ताकतों के लिये कोर्इ जगह नहीं है। वैसे भी वहां समाजवादी क्रांति सामाजिक विकास की अवस्था है। जिसके अंतर्गत सर्वहारा वर्ग सत्ता का अधिग्रहण नहीं करता, बलिक क्रमिक रूप से राजसत्ता पर अपना वर्चस्व बढ़ा लेता है। राज्य को एक शोषक इकार्इ मानने के स्थान पर उसकी सरकार को आम जनता के पक्ष में खड़ा करने की वैधानिक लड़ार्इयां लड़ी जा रही हैं। जिसका लक्ष्य राज्य की वित्तीय, राजनीतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारियों को कम्यूनों को सौंपना है, जनवाद के जरिये राज्य के स्थान पर समाज की शकितयों को बढ़ाना है, सरकार को आम जनता के बीच खड़ा करना है। विकास के जरिये समाजवाद में इस बात से बचने की कोशिश की जा रही है, कि राज्य एक शोषक इकार्इ है।

वेनेजुएला में स्ट्रीट गर्वमेण्ट के दूसरे दौर की शुरूआत हो चुकी है। जिसका मकसद पहले दौर को जांचना और जानना है। उसके परिणामों को करीब से परखना है। 10 अक्टूबर को वेनेजुएला के पशिचमी राज्य बारिनास में एक टेलिविजन मीटिंग में राष्ट्रपति मदुरो ने हिस्सा लिया। पूरे कार्यक्रम को फिर से परखने और उसे निर्देशित करने का एक बड़ा कारण पिछले साल से काफी बढ़ गया भ्रष्टाचार भी है। जिसके खिलाफ युद्ध स्तर पर कार्यवाही की योजना को अंजाम दिया जा रहा है। माना यही जा रहा है, कि जहां एक ओर स्ट्रीट गर्वमेण्ट के दूसरे चरण का महत्व भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान को मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक कार्यों, समाज विकास योजनाओं में कम्युनिटी संगठन को भी बढ़ावा मिलेगा। वेनेजुएला में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारी अभियान के साथ सामाजिक अभियान भी चलाया जा रहा है। स्ट्रीट गर्वमेण्ट की भूमिका के बारे में निकोलस मदुरो ने कहा कि ”हमारी योजना कम्यूनों के माध्यम से आम जनता के सार्वजनिक शकित को फिर से गतिशील एवं सक्रिय करना है, और उन्हें सरकार के रूप में बदलना है, ताकि वो सभी समस्याओं का समाधान निकाल सकें और सार्वजनिक काम को पूरा कर सकें।” राष्ट्रपति ने कम्यूनों के जरिये ही 21वीं सदी के समाजवादी उत्पादन प्रणाली पर आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के लिये, इसे अनिवार्य कदम करार दिया।

राष्ट्रपति मदुरो ने कहा कि ”स्ट्रीट गर्वमेण्ट के इस चरण का केंद्रीय लक्ष्य है- कम्यूनों को मजबूत करना, लोगों को प्रभावशाली औजार की तरह शकित और शिक्षा देना और आर्थिक अधिकार देना, ताकि वो अपने सार्वजनिक कार्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले सकें।”

शावेज के समाजवादी कार्यक्रमों से संचालित वेेनेजुएला की मदुरो सरकार कम्यून और कम्युनल कांउसिल के माध्यम से आम जनता के हाथों में सरकार की जिम्मेदारियां और वित्त से लेकर सामाजिक विकास योजनाओं को पूरा करने का अधिकार सौंपना चाहती है। उसने मजदूरों के नियंत्रण में कम्पनियों और कारखानों को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। सितम्बर में कराये गये गणना के अनुसार- वेनेजुएला में इस वक्त 33,223 कम्युनिटी कांउसिल, 1,234 कम्यून और 17,332 सोशल मोमेन्ट (संस्थायें) पंजीबद्ध हैं।

वेनेजुएला के पशिचमी राज्य बारिनास की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्त्रोत कृषि एवं पशुपालन है। राष्ट्रपति मदुरो और मंत्रालय के एक ग्रूप ने इस राज्य के कृषि एवं उधोगों के विकास योजनाओं की वस्तु सिथतियों की पूरी जानकारी ली। 30 कम्यूनिटी द्वारा संचालित शहरी क्षेत्र के कृषि के लिये वित्तीय सहायता को स्वीकृति दी गयी। 708 हेक्टर के नये जमीन पर राज्य द्वारा संचालित एग्रीकल्चरल काम्पलेक्स को पशु एवं दूध उत्पादन के लिये विकसित किया गया। इसके अलावा मक्का और सूरजमुखी उत्पादन के लिये क्रेडिट को स्वीकृति दी गयी।

वैसे भी वेनेजुएला अपनी खाध जरूरतों को पूरा करने के लिये 50 प्रतिशत खाध पदार्थों का आयात करता है। पिछले महीने कृषि मंत्रालय के द्वारा जारी एक वक्तव्य में यह जानकारी दी गयी। वर्तमान सरकार की नीति इन सिथतियों से उबरने की है। वह दीर्घकालिक योजनाओं के साथ, तात्कालिक कमी को पूरा करने के लिये लातिनी अमेरिका के अलग-अलग देशों से आवश्यक खाध पदार्थों का आयात कर रहा है। इस नीति के तहत कुल 4,00,000 टन खाध पदार्थों का आयात क्रिसमस से पहले किया जायेगा, जिसमें 80,000 टन अनाज पड़ोसी देश ब्रजील से आयात करने का करार हुआ है।

इस साल वेनेजुएला में आवश्यक खाध पदार्थ और निजी उपयोग की जरूरी चीजों की कमी हो गयी है। वहां की सेण्ट्रल बैंक -सीबीसीवी- के अनुसार ‘अभाव दर 21.2 प्रतिशत है, जो जनवरी में 20 प्रतिशत के लगभग था।’ अभाव दर में हो रही, इस वृद्धि दर का सीधा प्रभाव बाजार भाव और स्फीति दर पर पड़ रहा है। जो सितम्बर में 49.4 प्रतिशत हो गया है, जो अपने आप में एक रिकार्ड है। इस सिलसिले में अधिकारियों का कहना है कि ”वर्तमान आर्थिक समस्याओं का कारण समाज के प्रभावशाली अभिजात्य वर्ग और प्रतिक्रियावादी विपक्ष, के द्वारा किये जा रहे आर्थिक हमलों की वजह से है। जो देश की मुद्रा पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं, और खाध आपूर्ति को बाधित कर लोगों में असंतोष पैदा करना चाहते हैं, ताकि देश में चल रहे समाजवादी समाज निर्माण एवं आर्थिक विकास योजनाओं को रोका जा सके।

वेनेजुएला के वित्तीय मामलों के उपाध्यक्ष राफेल रमिरीज ने 23 अक्टूबर को कहा कि हमारे खिलाफ छेड़े गये इस आर्थिक युद्ध को मात देने के लिये- जो हमें वास्तव में प्रभावित कर रहे हैं- हम भारी मात्रा में खाध पदार्थों का आयात करेंगे, और अपने महत्वपूर्ण उत्पादन क्षेत्रों को प्रोत्साहित करेंगे।” उन्होंने स्फीतिदर को रोकने के उपायों की भी घोषणां की। अप्रैल 2013 में सत्ता संभालते ही नयी सरकार ने इस अभाव को दूर करने के लिये, अब तक कर्इ महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं- जैसे खाध पदार्थों के आयात में वृद्धि, तस्करी एवं जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्यवाही और घरेलू खाध उत्पादन को बढ़ावा देना। वेनेजुएला में 320 तकनिकी विशेषज्ञ यूनार्इटेड़ नेशनल फूड एण्ड एगि्रकल्चर आर्गनार्इजेशन से प्रशिक्षण ले कर, वेनेजुएला के शहरी क्षेत्र में कृषि योग्य भूमि को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। सरकारी योजना के अनुसार 24,000 से बढ़ा कर 80,000 कृषि क्षेत्रों के निर्माण की योजना है। ताकि वेनेजुएला को स्थायी रूप से, कृषि एवं खाध पदार्थ के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

सरकारी अधिकारी और विश्लेषक, दोनों ही इस बात से सहमत है कि वेनेजुएला में बड़ी भू-सम्पतित की ऐसी संरचना है कि उनका उपयोग तो हो रहा है, किंतु वह नहीं, जो होना चाहिये। बलिक ऐसी भू-सम्पतितयां मवेशियों के चारागाह है, ना कि कृषिकार्य हेतु। जोकि वेनेजुएला की ऐतिहासिक समस्या है।” इसलिये ऐसे विशाल भू-खण्डों का समूचित उपयोग सरकार की प्राथमिकता है। राष्ट्रपति मदुरो ने कहा है कि ”हमारी नीति शहर के बाहरी क्षेत्रों में सौ साल से भी अधिक समय से खाली पड़े जमीन के जरिये अपने कृषि उत्पाद क्षमता को बढ़ाने की है, साथ ही बड़ी भू-सम्पतितयों को अधिग्रहित करने की है। ताकि हम अपनी खाध जरूरतों को पूरा कर सकें।” यह काम आसान नहीं है, क्योंकि ऐसी ज्यादातर भू-सम्पतितयां निजी सम्पतित है। जिनके भू-स्वामी देश की प्रतिक्रियावादी ताकतों के साथ है।

वेनेजुएला की सरकार खाध पदार्थों की कमी और भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर अभियान चला रही है। वह कम्यूनों को संगठित कर रही है, ताकि जन-सहयोग एवं जन-समर्थन से इस काम को किया जा सके।

19 से 22 सितम्बर के बीच वेनेजुएला की राजधानी काराकस में ‘कम्युनिस्ट यूथ आफ वेनेजुएला’ -जेसीवी- के 12वें नेशनल कांग्रेस का आयोजन किया गया। जिसमें प्रमुखता से आर्थिक तोड़-फोड़ के खिलाफ क्रांतिकारी संघर्ष और क्रांतिकारी उपायों की जरूरत पर चर्चा की गयी। इस आयोजन के बीच ही जेसीवी का 66वां स्थापना दिवस भी मनाया गया। जिसका स्लोगन था- ”क्रांतिकारी दृढ़ता से, क्रांति को मजबूत करेंगे।” इस कांग्रेस में 200 युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो 200 युवा संगठनों के प्रतिनिधि थे।

इस कांग्रेस में दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर चर्चायें की गयी और उसे पारित किया गया- 1. संघर्ष का मंच, 2. आंतरिक जीवन। इस कांग्रेस में नर्इ सेण्ट्रल कमेटी को भी चुना गया, जिसमें 21 सदस्य हैं। हेक्टर रोडरिज को फिर से जनरल सेक्रेटरी चुना गया। नयी सेण्ट्रल कमेटी में 7 विधार्थी, 10 कामगर, 14 प्रोफेसनल और 5 महिलायें हैं।

‘कम्युनिस्ट यूथ आफ वेनेजुएला’ ने आने वाले समय के लिये, इस कांग्रेस में अपने लिये निर्धारित किया-

• वेनेजुएला के क्रांतिकारी युवा का एक राष्ट्रीय संगठन के रूप में विकास करना।

• हर एक क्षेत्र में अपनी इकार्इ को विकसित करना।

• कामगर नौजवानों के साथ संगठन के सम्बंधों को मजबूत करना।

• आर्थिक तोड़-फोड़ के विरूद्ध संघर्ष को प्रोत्साहित करना।

• क्रांतिकारी आर्थिक कार्यक्रमों एवं उपायोग के लिये एकजुटता को बढ़ाना एवं उसके लिये संघर्ष करना।

अपने उदघाटन भाषण में रोडरिज ने कहा- ”वेनेजुएला के बुजुर्आ वर्ग के द्वारा किये जा रहे आर्थिक तोड़-फोड़ को शिकस्त देने के लिये क्रांतिकारी उपायों को लागू करने की जरूरत है, क्योंकि बुजुर्आ का मकसद अपनी शकितयों को फिर से पाना है, जो कभी उनके पास था।” उन्हाेंने आगे कहा- ”हमें कामगर मजदूरों और लोगों के संगठित ताकत पर यकीन करना चाहिये और डालर के सटटा को समस्या का सामना करने के लिये कहना चाहिये कि इस परजीवी बुजर्ुआ वर्ग का अब एक भी डालर नहीं।” आयात पर हमें राज्य के वर्चस्व को कायम करने के लिये संघर्ष करना चाहिये। ताकि सटटेबाज परजीवी वर्ग की दलाली को रोका जा सके।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति मदुरो ने कांग्रेस को भेजे गये शुभकामना संदेश में कहा कि ”हम आप सभी पर भरोसा करते हैं। हमे विश्वास है कि हयूगो शावेज के द्वारा सौंपे गये महान दायित्वों को पूरा करने के लिये वेनेजुएला की सरकार और आम जनता के साथ है। शावेज ने हम पर समाजवादी क्रांति को सुरक्षित रखने और उसे गहरार्इ से विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी है।”

जेसीवी की स्थापना 16 सितम्बर 1947 में हुर्इ थी। यह कम्युनिस्ट पार्टी आफ वेनेजुएला का एक कैडर प्रशिक्षण संगठन है, जिसका आधार माक्र्सवाद-लेनिनवाद है।

वेनेजुएला समाजवादी समाज के निर्माण और मौजूदा दौर में जिन समस्याओं से जूझ रहे हैं, उससे पार पाने के लिये युवाओं की एकजुटता और कामगर -मजदूर-किसानों की एकजुटता जरूरी है। सरकार की योजनाओं को अंजाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिन पर है।

8 अक्टूबर को नेशनल असेम्बली में आर्थिक एवं राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर रूप से चोट करने के लिये एक सक्षम कानून को पास कराने के लिये चर्चा की गयी। राष्ट्रपति मदुरो ने इसका प्रस्ताव रखा। उन्होंने अपने वक्तव्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि- ”वे राजनीतिक जीवन में इसे सामान्य समझना बंद करें।”

उन्होंने अपनी ओर से कहा- ”मैं यहां नये राजनीतिक मूल्य को गहरा करने, उसे गति देने और उसके लिये लड़ार्इ लड़ने के लिये सक्षम अधिकार की मांग के साथ आया हूं। मैं असेम्बली में प्रजातंत्रवादी प्रारूप और आर्थिक प्रारूप में बदलाव लाने के लिये प्रभावशाली, प्रोत्साहन कार्यक्रम (योजना) पेश करने जा रहा हूं। इन दोनों को संयुक्त होना ही चाहिये।”

उन्होंने कहा- ”वेनेजुएला में संस्थागत भ्रष्टाचार के युग का अंत होना ही चाहिये। हमारे लिये इस बात का कोर्इ महत्व नहीं है, कि उनका राजनीतिक रंग क्या है।” उन्हाेंने घोषणा की कि ”हमें हर हाल में आर्थिक एवं वित्तीय माफिया से छुटकारा पाना ही होगा। हम भ्रष्टाचार को शून्य प्रतिशत भी स्वीकार नहीं कर सकते।” उन्होंने न्याय व्यवस्था में बदलाव के साथ आर्थिक अपराधों की जांच के लिये पबिलक प्रासिक्यूटर के कार्यालय में प्रोफेशनल टीम बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने अपने वक्तव्य की शुरूआत में ही भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों की अधिकतम सजा 8 साल से बढ़ा कर 20 साल करने की पेशकश की।

निकोलस मदुरो ने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिये लोगों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ”मैं लोगों से अपील करता हूं कि वो भ्रष्टाचार को अपनी मंजूरी ना दें। उसकी अनदेखी न करें। यह भ्रष्टाचार एलो कालर (विपक्ष) समर्थित भ्रष्टाचार हो या रेड़ कालर (सत्तापक्ष) का हो। वास्तव में यह ठगी है। इस बात का कोर्इ महत्व नहीं है कि आप किस ड्रेस में हैं। दोनों के द्वारा किया गया भ्रष्टाचार जनविरोधी और देशविरोधी है।”

मदुरो ने एक साल के लिये सख्त कानून को पास करने एवं यह अधिकार देने की मंग की। उल्लेखनिय यह है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति की हैसियत से वो अध्यादेश भी जारी कर सकते हैं।

आर्इसीएस पोल के अनुसार- ”71.5 प्रतिशत लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिये सक्षम कानून आवश्यक है।”

सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत इस महीने के शुरूआत में 326 लोगों को ‘सोसलिस्ट इन्सपेक्टर’ बनाने के प्रशिक्षण कार्य को पूरा की। ऐसे 4000 इन्स्पेक्टर को प्रशिक्षित करने की योजना है। इस महीने की शुरूआत में ही इंटिलिजेन्स आर्गनार्इजेशन से सूचना सम्बंधी समन्वय बनाने के लिये सिक्यूरिटी बाडी -सीर्इएसएसपीए- का निर्माण मदुरो सरकार के द्वारा किया गया। वेनेजुएला की प्रतिक्रियावादी विपक्ष और निजी मीडिया इसे तानाशाही और अभिव्यकित की स्वतंत्रता के खिलाफ करार दे रही है। ‘स्ट्रैटेजिक सेण्टर आफ सिक्यूरिटी एण्ड होमलैण्ड प्रोटेक्शन’ की स्थापना 7 अक्टूबर को प्रेसिडेनिसयल डीक्री-458 के तहत किया गया। यह इकार्इ राष्ट्रपति के प्रति जिम्मेदार होगी।

वेनेजुएला में समाजवादी समाज के निर्माण और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासनिक एवं जनअभियानों की शुरूआत हो गयी है।

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