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यदि राष्ट्रवाद के मशीन में मुझे डाला गया?

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मेरे दिमाग की बत्ती हमेशा गुल रहती है, और जब जलती है, तब कुछ ऐसा होता है, कि सिर चकरा जाता है।

पिछले महीने मैं देशभक्त बननेे में लगा रहा। लगभग बन ही गया था, कि मेरी देशभक्ति के साथ दुर्घटना घट गयी।

एक देशद्रोही को मारने के लिये 11 लाख रूपये देने का इस्तेहार चिपकाने वाला, पकड़ा गया।

पुलिस जैसे पूछताछ करती है, वैसे ही पूछताछ की। पता चला कि सोपाड़ी देने वाले के पास पैसा नहीं है। वह देशभक्त बन रहा था। देशभक्त ही जमा करके 11 लाख उसे देते।

दिमाग की बत्ती जल। सिर चकरा गया। देशभक्ति का बुखार उतर गया।

अब मैं न तो देशभक्त हूं, ना ही देशद्रोही हूं। लेकिन सिर है, कि बत्ती गुल होने के बाद भी चकराये जा रहा है।

यदि राष्ट्रवाद के मशीन में मुझे डाला गया, तो मेरा क्या होगा?

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