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वेनेजुएला में अमेरिका के वित्तयी युद्ध के खिलाफ जारी संघर्ष!

maduro-con-la-habilitanteसाम्राज्यवादी ताकतें जब वर्चस्व और एकाधिकार के लिये सामरिक घेराबंदी और आर्थिक हमलों में लगी हैं, लातिनी अमेरिका के समाजवादी देशों की सरकारें आम जनता के सामाजिक एवं आर्थिक अधिकारों की लड़ार्इयां अपने देश की प्रतिक्रियावादी ताकतों से लड़ रही हैं। यह संघर्ष वेनेजुएला में निर्णायक हो गया है। हयूगो शावेज के बाद, वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को तोड़ने और उसके विकास की समाजवादी दिशा को बदलने के लिये अमेरिका की ओबामा सरकार ने अघोषित रूप से वित्तीय हमला बोल दिया है। वह उन ताकतों को एकजुट कर रही है, उन्हें भरपूर सहयोग दे रही हैं, जो वित्तीय संकट का राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं। जो यह चाहते हैं, कि वेनेजुएला की मदुरो सरकार अपनी आर्थिक लड़ार्इ हार जाये। ताकि कम्यूनों के निर्माण और मजदूरों के नियंत्रण में औधोगिक इकार्इयों को सौंपने की योजनाओं को रोका जा सके, जो स्ट्रीट गर्वमेण्ट के द्वारा समाजवादी समाज निर्माण की ओर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

मगर मदुरो सरकार ने अमेरिकी साजिशों और वेनेजुएला की प्रतिक्रियावादी ताकतों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष की शुरूआत कर दी है।

19 नवम्बर 2013 को नेशनल असेम्बली ने इनेबलिंग ऐक्ट को अपनी मंजूरी दे दी। जिसके तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार होगा कि वह आर्थिक एवं भ्रष्टाचार के विरूद्ध जारी संघर्ष पर 12 महीनों के लिये अध्यादेश के जरिये कानून पास कर सकते हैं, ताकि अमेरिकी सरकार और देश की प्रतिक्रियावादी ताकतों के खिलाफ निर्णायक लड़ार्इ लड़ी जा सके।

8 दिसम्बर को वेनेजुएला में 335 मेयरों का चुनाव होना है। इसलिये वेनेजुएला के वित्तीय संकट को जानबूझ कर बढ़ाया जा रहा है, ताकि चुनाव में उसका नकारात्मक प्रभाव पड़े। अमेरिका वहां राजनीतिक असिथरता पैदा करना चाहता है। वह बाजार में अनिश्चयता और कृत्रिम अभाव बनाने की नीति पर चल रहा है। राष्ट्रपति मदुरों ने चल रहे इस दिनरात के लूट पर बड़े ही अप्रत्याशित रूप से अचानक हमला बोल दिया है। अनैतिक व्यापारियों के जमाखोरी और ब्याजखोरी तथा सटटेबाजी के खिलाफ बड़े पैमाने पर सख्त कार्यवाही की शुरूआत हो गयी है, जो वास्तव में सिफति दर के वास्तविक कारण हैं। जिनकी वजह से महंगार्इ बढ़ी है। इस साल वेनेजुएला का सिफति दर 54 प्रतिशत है, मगर व्यापारी वर्ग को 200 से 250 प्रतिशत के बीच का मुनाफा मिल रहा है। सरकार जिसके खिलाफ अब सख्त हो गयी है। साल भर के दौरान यह पहली बार हो रहा है, कि ऐसे व्यापारियों, मुनाफाखोरों, सटटेबाजों और जमाखोरों को न सिर्फ जुर्माना और तालाबंदी का सामना करना पड़ रहा है, बलिक उनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही कर उन्हें सजा भी दी जा रही है।

6 नवम्बर को राष्ट्रपति मदुरो ने मौकापरस्त सटटेबाजों और जमाखोरों से लड़ने के लिये कर्इ नीतिगत सुधारों की घोषणा की, साथ ही उन्होंने व्यापार के सुव्यवसिथत संचालन तथा विदेशी मुद्रा विनिमय व्यापार की निगरानी के लिये नये सरकारी विभाग के गठन की घोषणा भी की। उन्होंने इसे आर्थिक सुधारों के लिये आगे बढ़ कर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम करार दिया। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त और जोरदार प्रहार करने का वायदा भी किया। उन्होंने ‘नेशनल टास्क फोर्स’ के निर्माण की घोषणा की जो सरकार की कन्ज्यूमर प्रोटक्सन एजेन्सी -इन्देपाबीस- द्वारा जमाखोरों की पहचान करने की नयी शुरूआत में सहयोगी होगी।

इन्देपाबीस इस साल की शुरूआत से ही राष्ट्रीय स्तर पर मौकापरस्त सटटेबाज और जमाखारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर रही है। मदुरो ने कहा कि ”नवम्बर और दिसम्बर में हम एक विशेष अभियान का विस्तार करेंगे, जो कि लोगों के लिये महत्व रखने वाले कर्इ उत्पादों के सही मूल्य को सुनिशिचत करेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि ”हम सप्लार्इ चैन का पुर्ननिरिक्षण और उसकी समीक्षा करने जा रहे हैं। हम देश में प्रत्येक सामान और उसके स्टाक की जांच करने जा रहे हैं।” ताकि बाजार में कृत्रिम रूप से अभाव पैदा कर मुनाफा कमाने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जा सके और आम जनता को सही मूल्य पर आसानी से सामानों को उपलब्ध कराया जा सके। जिसका प्रभाव बाजार और उपभोक्ता पर ही नहीं पड़ेगा, बलिक राजनीति पर भी पड़ना तय है। उन ताकतों पर पड़ना तय है, जो सामाजिक विकास की राहों को रोक कर खड़े हैं।

राष्ट्रपति मदुरो ने वेनेजुएला के ‘फेडरेशन आफ चेम्बर आफ कामर्स’ के प्रमुख जार्ज राइज को चेतावनी देते हुए उन पर वित्तीय युद्ध में शामिल होने का आरोप लगाया। 2002 में शावेज के तख्तापलट में चेम्बर आफ कामर्स के पूर्व प्रमुख पेड्रो कारमोना ने खुद को अस्थायी राज्य प्रमुख घोषित किया था। उस घटना के बाद से ही वेनेजुएला की सरकार और चेम्बर आफ कामर्स के रिश्ते आज तक सहज नहीं हो सके हैं। दो दिन के इस तख्तापलट के बाद राष्ट्रपति बने कारमोना की घटना ने सरकार और चेम्बर आफ कामर्स के बीच स्थायी दूरियां पैदा कर दी है। ऐसा इसलिये भी है कि आज भी वहां सरकार विरोधी षड़यंत्र जारी है।

मदुरो ने कहा- ”हमारे पास इस बात के सबूत हैं कि जार्ज राइज वित्तीय युद्ध को निर्देशित कर रहे हैं।” राष्ट्रपति ने बोलिवर (मुद्रा) के ब्लैक मार्केट एक्सचेंज वेल्यू को पबिलश करने वाले बेवसार्इट को भी चेतावनी दी। उन्होंने इस बात की घोषणा कर दी है कि वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी। जमाखोरी करने वालों पर एक और आघात करते हुए मदुरो ने ‘नेशनल सेण्टर आफ एक्सटेरियर कामर्स’ के स्थापना की घोषणा की ताकि वह सरकार के कर्इ विदेशी मुद्रा विनिमय योजनाओं का निरीक्षण कर सके। भावी लक्ष्य को ‘नेशनल फारेन ट्रेड कारपोरेशन’ के द्वारा व्यवसिथत किया जायेगा। 2013 में सरकार ने विदेशी मुद्रा विनिमय व्यवस्था में कर्इ सुधार किये हैं। परिणामस्वरूप मुद्रा के काले बाजार में बोलिवर का मूल्य आधा हो गया है।

अपने पूर्व घोषणा के अनुसार कि ”टेक्सटार्इल, फूटवियर, घरेलू उपयोग के सामान, गाडियां और अन्य आवश्यक सामानों पर हम कार्यवाही की शुरूआत हम आज से ही करेंगे।” के तहत, नवम्बर के पहले सप्ताह में ही अधिकारिक रूप से अधिकारियों के द्वारा इलेक्ट्रानिक्स और घरेलू उपयोग में आनेवाली आवश्यक सामान बेचने वाले ‘चेन स्टोरों’ की जांच शुरू की गयी। जांच के बाद ज्यादा लाभ कमाने के लिये की गयी जमाखोरी की जानकारियां सामने आयीं। जैसा कि वेनेजुएला के अन्य व्यापार में इन दिनों हो रहा है। सरकार के द्वारा निर्धारित एवं स्वीकृत अमेरिकी डालर से ज्यादा बाहर से सामान मंगाया जा रहा है, और उन्हें स्थानीय उपभोक्ताओं को बेचा जा रहा है। इसे लाभ कमाने का अवैध जरिया बना लिया गया है।

इन स्टोरों में देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रानिक एपिलयांसेस चैन ‘डाका’ भी शामिल है। जो सामान को आयातित मूल्य से 1200 प्रतिशत ज्यादा मूल्य में उपभोक्ताओं को बेच रही है। अधिकारी ने एक उदाहरण दिया कि ”एक वाशिंग मशीन, जिसका मूल्य आधिकारिक रूप से, एक्सचेंज रेट के हिसाब से आयात करने पर 4200 बोलिवर होता है, उसे 47,000 बोलिवर में बेचा जा रहा है।” मुनाफे का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है, साथ ही इस बात का अनुमान भी लगाया जा सकता है कि वेनेजुएला के मुद्रा बाजार में अमेरिकी डालर की ऐसी मौजूदगी का अर्थ क्या है? एक बात और भी है, कि वेनेजुएला में न्यूनतम वेतन 4,110 बोलिवर प्रतिमाह है, साथ ही ‘फूडटिकट’ भी दिया जाता है। यदि इस अनुपात में मुनाफे का प्रतिशत निकाला जाये तो निजी कम्पनियों के आय और आम जनता की मासिक आय के बीच गहरी और चौड़ी खार्इ है। मदुरो सरकार जिसे स्वीकार करने की मानसिकता नहीं रखती। वह इस अनुपात को बदलना चाहती है।

6 नवम्बर को राष्ट्रपति मदुरो ने ‘डाका चैन’ को अस्थायी रूप से अपने कब्जे में लेने की घोषणा कर दी। यही नहीं सही मूल्य पर सामानों की बिक्री भी की जाने की घोषणा की गयी। उन्होंने इलेक्ट्रानिक चैन जेवीजी को भी उचित मूल्य पर सामान बेचने के लिये विवश किया। डाका चैन के कर्इ मैनेजर को हिरासत में ले लिया गया। इस बात की घोषणा भी की गयी कि जैसे ही सभी सामान बिक जायेंगे डाका चैन के मालिक को स्टोर वापस कर दिया जायेगा, किंतु उनकी निगरानी जारी रहेगी, ताकि सही कीमत पर ही सामानों की बिक्री हो। अस्थायी अधिग्रहरण की घोषणा के साथ ही डाका चैन की दुकानों के सामने लोगों की भीड़ जमा हो गयी। नेशनल गार्ड और अन्य अधिकारियों ने व्यवस्था को बनाये रखा। सरकार ने घोषणा की, कि जिन लोगों ने घरेलू और इलेक्ट्रानिक सामानों की खरीदी पहले बढ़ी हुर्इ दरों में की है, उन्हें यह अधिकार है कि वो सही मूल्य काट कर शेष पैसों को वापस ले सकते हैं।”

राष्ट्रपति मदुरो ने कहा- ”हर एक व्यकित जिनसे असंगत कीमत लेकर लूटा गया है, वो अपने पैसे वापस ले ले। यह पैसा वास्तव में कामगरों का है।”

मदुरो सरकार ने जमाखोरों और कालाबाजारियों के खिलाफ हमला बोल दिया है। वह अपनी वित्त व्यवस्था और उसके विकास की समाजवादी दिशा की राह में आने वाली बाधाओं को हटाने में लगी है। वह पूंजी और बाजार को आम जनता के पक्ष में राज्य के नियंत्रण से बाहर निकलने के दरवाजों को यूं बंद कर रही है, कि वहां की प्रतिक्रियावादी ताकतें ही नहीं, अमेरिकी सरकार भी गहरे तौर पर नाराज है।

मदुरो सरकार ने काला बाजार में डालर के विनिमय मूल्य को प्रोत्साहित करने वाली 50 वेबसार्इटों को बंद कर दिया है।

‘इन्स्टीटयूट फार डीफेन्स आफ द पिपुल्स एसेस टू गुडस एण्ड सर्विस’ ने चैन स्टोरों की निगरानी और जांच करते रहने के काम को जारी रखा है। जो भी दुकान सामान्य लाभ से ज्यादा कीमत पर सामान बेचता है, उसे सही मूल्य पर बेचने के लिये दबाव बनाया जाता है। उनके खिलाफ कार्यवाहियां की जा रही हैं।

सरकार के इन कदमों से चैन स्टोर, अवैध मुद्रा बाजार और उनका कारोबार करने वालों में भारी बेचैनी है। चैन स्टोरों के सामने लोगों की लम्बी कतारें लग गयी हैं। यह समय क्रिसमस की खरीददारी का है। उप-राष्ट्रपति जार्ज अरीयाजा ने बताया है कि लकड़ी पर 42 प्रतिशत तक तथा हार्डवेयर पर 587 प्रतिशत तक की अवैध मूल्य वृद्धि कर, कीमतें वसूली जा रही थीं। यह सिथति सामान्य से सामान्य सामनों की भी थी। हर एक चीज को बढ़ी हुर्इ अवैध मूल्यों पर बेचने का बाजारू चलन बन गया था। जिसे नियंत्रित करने के लिये पहले खुदरा बाजार पर हमला बोला गया, और उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की गयी। अब सरकार उत्पादकों के खिलाफ भी अभियान छेड़ रही है।

12 नवम्बर को 15,000 परिवहन कामगरों ने प्रदर्शन किये। ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष ने बताया कि ”गाड़ी के स्पेयर पार्टस भी निर्धारित मूल्य से ज्यादा कीमत पर बेचे जा रहे हैं।” उन्होंने ड्रार्इविंग स्कूल की स्थापना किये जाने की मांग की। एक ‘ट्रांसपोर्ट बैंक’ बनाने तथा ज्यादा स्पेयर पार्टस के आपूर्ति की मांग की।

राष्ट्रपति मदुरो ने प्रदर्शनकारी मजदूरों से कहा कि ”सरकार एक ट्रांसपोर्ट मिशन की स्थापना करेगी, जो कि कामगरों के मांग को पूरा करने के लिये काम करेगी।” उन्होंने वादा किया कि ”वो आज ही स्पेयर पार्टस बनाने वाले उत्पादकों से मिलेंगे और उनसे सही मूल्य पर स्पेयर पार्टस की आपूर्ति की बात करेंगे।” उन्होंने इसी दौरान यह भी कहा कि अब सरकार थोक विक्रेताओं पर भी निरिक्षण और निगरानी की शुरूआत करने जा रही है।

अपने वक्तव्य में राष्ट्रपति मदुरो ने अमेरिकी सरकार के ऊपर खुला आरोप लगाया। उन्हाेंने कहा- ”वेनेजुएला के खिलाफ वित्तीय युद्ध की योजना अमेरिकी सरकार के द्वारा बनायी गयी है। इस वित्तीय युद्ध के कलाकार हैं- फेडरेशन आफ चेम्बर्स एण्ड एसोशियेशन आफ कामर्स एण्ड प्रोडक्शन आफ वेनेजुएला – फेडेकामारास, द नेशनल काउसिंल आफ कामर्स एण्ड सर्विसेज और द वेनेजुएलियन-अमेरिकन चेम्बर आफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज।”

लातिनी अमेरिका और कैरेबियन देशों के बीच वेनेजुएला ‘विकास के जरिये समाजवाद’ की सोच का प्रतिनिधि बन गया है। उसके द्वारा उठाये जा रहे कदमों पर दुनिया की भी नजरें हैं। अमेरिकी सरकार जिसे किसी भी कीमत पर तोड़ना चाहती है। शावेज के निधन के बाद वैधानिक तख्तापलट की साजिशें सफल नहीं हो सकीं, इसलिये अमेरिकी सरकार की योजना उसे आर्थिक रूप से तोड़ने की है, ताकि वैधानिक तख्तापलट संभव हो सके। चिली और हुण्डूरास के राष्ट्रपति चुनाव में जो किया जा सका, उसे ही वह वेनेजुएला में भी वित्तीय युद्ध के जरिये दुहराना चाहता है। मगर, उसकी कोशिशें नाकाम रही हैं। इन आर्थिक हमलों के खिलाफ मदुरो सरकार ने न्याय प्रक्रिया में भी पहले से ज्यादा चुस्त-दुरूस्त कर दिया है।

वेनेजुएला के हार्इकोर्ट मैजिस्ट्रेट ग्लैडिस गउटेर्ज ने बताया कि ”आर्थिक अपराधों से निपटने के लिये हमारे पास 77 कोर्ट हैं। जिनमें से 25 कोर्ट अपील के लिये हैं। ये कोर्ट आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों की सुनवार्इ करेंगे।” ज्यादातर राज्यों में एक कोर्ट होगा, हालांकि ओरागे, एंजोटेगा, बोलिवर, ताचिरा, काराबोबो, जुलिया और मेट्रोपिलटोन काराकास में 2 से 4 कोर्ट की स्थापना की गयी है।”

मेजर जनरल व्लादिमीर पैडि्रनों के अनुसार -1500 मिलिसिया के लोगों को वित्तीय युद्ध के खिलाफ जारी अभियान में शामिल किया गया है।” उन्होंने आगे कहा कि ”अन्य मिलिसिया नेशनल गार्ड को बिजली व्यवस्था, विधुत प्लाट और अस्पतालों की सुरक्षा के लिये भी नियुक्त किया गया है।” ये मिलिसिया नेशनल गार्ड सरकार की समाजवादी निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोगी है। जिन्हें सक्रिय कर दिया गया है। ताकि अमेरिकी वित्तीय हमले के खिलाफ देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखा जा सके।

वेनेजुएला के सरकार की योजना लाभ को नियंत्रित करने की है। राष्ट्रपति मदुरो ने कहा है कि ”लाभ को 15 से 30 प्रतिशत के बीच ही नियंत्रित किया जायेगा।” सरकार के द्वारा किये जो रहे सख्त कार्यवाहियों का ही परिणाम है कि घरेलू उपयोग में आने वाले इलेक्ट्रानिक के सामान, आटोपार्टस, खिलौने, कपड़े और हार्डवेयर के खुदरा व्यापारियों ने 30 से 70 प्रतिशत की घटी दरों पर उपभोक्ताओं को सामान बेचना शुरू कर दिया है। त्राकी, र्इपीए और जनरल इम्पोर्ट जैसे बड़े नामों वाले स्टोरों में 15 नवम्बर (रविवार) की भी जांच हो रही है। 18 नवम्बर को राष्ट्रपति ने कहा कि ”अधिकारियों ने पाया है कि राजधानी काराकस में खुदरा व्यापारी 4000 प्रतिशत तक का लाभ उठा रहे थे।”

नेशनल असेम्बली ने राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को अध्यादेशों के जरिये कानून बनाने का अधिकार 12 महीनों के लिये दे दिया है। नेशनल असेम्बली द्वारा पास किये गये कानून की धारा 1 के अनुसार- ”राष्ट्रपति का डिक्री पावर ‘फार्इट अगेन्स्ट करप्शन’ और ‘डिफेन्स आफ द इकोनामी’ तक ही सीमित होगा।” जिसके लिये मदुरो ने असेम्बली को धन्यवाद दिया और वेनेजुएला में अमेरिकी वित्तीय युद्ध के खिलाफ नये संघर्ष की शुरूआत हो गयी है। मदुरो जिसे समाजवादी की ओर निर्णायक पहल मान रहे हैं।

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