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स्पेन में भारी विरोध प्रदर्शन

europe (4)स्पेन में इस साल की शुरूआत से अब तक कम से कम 27 जनप्रदर्शन हो चुके हैं। जो पिछले साल की तुलना में 68 प्रतिशत ज्यादा है। स्पेन की आम जनता अपने देश की सरकार और उसकी बाजारवादी नीतियों के खिलाफ है। वह नये करों और नयी कटौतियों को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।

सरकार अपनी जनविरोधी नीतियों को लागू करने पर तुली हुर्इ है। जन समस्याओं को हल करने के स्थान पर वह उनका दमन कर रही है। इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिये 95,000 स्टेट सिक्यूरिटी फोर्स तैनात किये गये हैं। यह जानकारी ‘यूरोपा प्रेस’ ने दी है।

मर्इ के दूसरे सप्ताह में शिक्षा के क्षेत्र में की गयी कटौतियों और नयी शिक्षा कानून के खिलाफा हजारों शिक्षक एवं छात्रों ने व्यापक प्रदर्शन किये। उन्होंने जनरल स्ट्रार्इक की घोषणा की। यूनियन के अनुसार, पबिलक इन्स्टीटयूशन के 72 प्रतिशत शिक्षक और निजी क्षेत्रों के 25 प्रतिश्ता शिक्षकों ने हड़ताल में भाग लिया। छात्र संगठनों के अनुसार 90 प्रतिशत विश्वविधालयीन छात्रों ने हड़ताल में हिस्सा लिया।

इस हड़ताल के पहले दो हफ्तों में पूरे स्पेन में इतने प्रदर्शन हुए, कि पहली बार इतनी जर्बदस्त सामाजिक एकजुटता देखने को मिली। स्थानीय सरकारों की नींद उड़ गयी।

स्पेन की सेण्ट्रल और रिजनल सरकारें अब तक शिक्षा बजट में 3 बिलियन यूरो से ज्यादा की कटौतियां कर चुकी हैं। 2009 से अब तक 62,000 शिक्षाकर्मियों को अपने काम से हाथ धोना पड़ा है। इसी दौरान 6 लाख से ज्यादा छात्रों की वृद्धि हुर्इ है। स्पेन में शिक्षा बजट में इतनी कटौतियां की जा चुकी हैं, कि छात्रों के पास कापी और किताबें तक नहीं हैं। यही स्थिति स्वास्थ्य एवं चिकित्या के क्षेत्र में है।

पापुलर पार्टी के रिजनल सरकार की योजना 20 बड़े पबिलक हासिपटल और 27 हेल्थ केयर सेण्टर का निजीकरण करने की है। इसी दौरान नेशनल सरकार ने भी 7 बिलियन यूरो की कटौतियां चिकित्सा के क्षेत्र में की है। जिसका सीधा प्रभाव रिजनल सरकार की कटौती योजनाओं पर पड़ रहा है। आम स्पेनवासियों को अपने ही देश की स्थानीय एवं राष्ट्रीय सरकारों की कटौतियों की मार एक साथ झेलनी पड़ रही है।

ऐसी कटौतियां सिर्फ शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में नहीं है, बल्कि सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण करने की नीति की वजह से हर एक क्षेत्र में नयी कटौतियां और नये करों की मार आम जनता को झेलनी पड़ रही है। 70 प्रतिशत स्पेनवासी सकरार की निजीकरण की नीतियों के खिलाफ हैं।

15 मर्इ को शुरू हुए विरोध प्रदर्शन की दूसरी वर्षगांठ पर -जब लोगों ने मेडि्रड के ‘प्यूरेटा-डेल-सोल चौक’ पर कब्जा कर लिया था, पूरे स्पेन में भारी प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनों का दौर आज भी जारी है।

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