सरकार किस चिड़िया का नाम है?

सरकार किस चिड़िया का नाम है?

[किसी भी दंगे के दौरान दंगाई जो करते हैं, वह उस दंगे की अपनी तस्वीर होती है। जाट आरक्षण आंदोलन की यह तस्वीर जमीन और सड़क के बीच जीने वालों की अपनी भयावह तस्वीर है। जिसे पेश किया है अंजुले ...

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निदा नवाज़ की तीन कविताएं

निदा नवाज़ की तीन कविताएं

1. हमारी अम्मा की ओढ़नी वे जब आते हैं रात-समय दस्तक नहीं देते हैं तोड़ते हैं दरवाजे़ और घुस आते हैं हमारे घरों में वे दाढ़ी से घसीटते हैं हमारे अब्बू को छिन जाती है हमारी अम्मा की ओढ़नी या ...

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देशभक्ति अब बाजार में, बाजार के लिये

देशभक्ति अब बाजार में, बाजार के लिये

यह अच्छी खबर है, कि वाम रचनाकार और सामाजिक सरोकार रखने वाले लोगों की बातें सुनी जाने लगी हैं, वो अकेले नहीं हैं। उनके पक्ष में, या विरोध में अब आवाजें आने लगी हैं। उन्होंने बढ़ती हुई सामाजिक असहिष्णुता का ...

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आंदोलन हिरासत में नहीं

आंदोलन हिरासत में नहीं

केंद्र सरकार की गलत नीतियों, उसके समर्थकों की हिंसक हाथापायी और मीडिया के अलग-अलग रवैये ने जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को सुर्खियों पर ला दिया है। हमेशा सुर्खियों में बने रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ...

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जेएनयू विवाद, भारत के आज और आनेवाले कल को तय करेगा

जेएनयू विवाद, भारत के आज और आनेवाले कल को तय करेगा

2 मार्च 2016, जेएनयू प्रकरण के लिये निर्णायक दिन है। कह सकते हैं, कि अपनी सनक को सही मानने वाले और इस सनक को बनाये रखने वाली सरकार को थोड़ा झटका लगा है। छात्र अपने कैम्पस से बाहर निकल आये ...

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लोकतंत्र का मलीन अध्याय

लोकतंत्र का मलीन अध्याय

आप चाहे जो कहें, इस देश में लोकतंत्र की हालत सचमुच खराब है। उसे संभालने वाला कोई नहीं। संसद का बजट सत्र चल रहा है। लोकतंत्र जागृत अवस्था में है। रेल बजट पर सरकार तालियां बजा रही है। अपना पीठ ...

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श्वेता राय की पांच कविताएं

श्वेता राय की पांच कविताएं

1. दोस्ती रिश्तों को जीते हुये हम आँखों की पुतलियों में जीते हैं कई भाव और तय होती हैं हर भाव की एक निश्चित परिधि कि तभी बीज बन उतर जाता है एक रिश्ता मन की जमीन पर जो एक ...

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मार दें आप, जेएनयू को मार दें

मार दें आप, जेएनयू को मार दें

एक शिकंजा है लोगों को कसने कस कर उन्हें मारने के लिये। आपने रोहित वेमुला को मारा मैं तो कहता हूं आप कन्हैया कुमार को मार दें, उन तमाम लोगों को मार दें, जिन्हें मारने का खयाल आपके जेहन में ...

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जेएनयू मुद्दा, फासीवाद की शिनाख्त है – 2

जेएनयू मुद्दा, फासीवाद की शिनाख्त है – 2

आज हम देश की वर्तमान स्थितियों की बात करें, तो हिंसा, अस्थिरता और विभाजन समाज और हमारी सोच में है। आम आदमी डरा हुआ है। देशभक्ति बनाम देशद्रोही का खेल खेला जा रहा है। लोग यह सबक सीख रहे हैं, ...

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जेएनयू मुद्दा, फासीवाद की शिनाख्त है – 1

जेएनयू मुद्दा, फासीवाद की शिनाख्त है – 1

जेएनयू का मुद्दा इस देश में फासीवाद के होने की शिनाख्त करता है। इस बात की शिनाख्त करता है, कि भले ही इस देश में चुनी हुई सरकार है, मगर एक ऐसी समानांतर व्यवस्था, एक ऐसी समानांतर सरकार भी है, ...

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