सरकार अपनी सूरत दिखा रही है

सरकार अपनी सूरत दिखा रही है

सरकार अपनी सूरत दिखा रही है। यह हम पर है, कि हम उसे देखें या न देखें। वैसे देखने की सुविधा है। देशभक्त बनाम देशद्रोही का आईना है। आप देख लें कि संघ, भाजपा और सरकार कितनी देशभक्त है? और ...

Read More »

हत्या की चाहत और वैधानिक हत्या की राजनीति

हत्या की चाहत और वैधानिक हत्या की राजनीति

राष्ट्रवाद का खेल चल पड़ा है। एक महिला ने कहा- जो टीचर भी हैं- ‘‘मेरा बस चले तो, कन्हैया कुमार की मैं गर्दन मरोड़ दूं।‘‘ उन्होंने अब तक एक मुर्गी की गदर्न नहीं मरोड़ी है, लेकिन मानसिक रूप से हिंसक ...

Read More »

निदा नवाज़ की पांच कविताएं

निदा नवाज़ की पांच कविताएं

1. जीवन झांकता जीवन बुझे हुए चेहरे की पॉवडर-तले छुपी हर उस झुर्री में से झांकता है जो ग्राहक के निकलते ही पछतावे और मजबूरी की पीड़ा से और गहरी हो जाती है . *** जीवन पसीने की हर उस ...

Read More »

बीडीएस कन्वेंशन में इज़रायल के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान

बीडीएस कन्वेंशन में इज़रायल के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान

फ़ि‍लिस्‍तीन के विरुद्ध इज़रायल की नस्‍लभेदी नीतियों और लगातार जारी जनसंहारी मुहिम के विरोध में 6 मार्च 2016 को नई दिल्‍ली के गांधी शान्ति प्रतिष्‍ठान में आयोजित ‘बीडीएस इंडिया कन्‍वेंशन’ में इज़रायल के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान किया गया। ‘फ़ि‍लिस्‍तीन ...

Read More »

राष्ट्रवाद का हंथियार

राष्ट्रवाद का हंथियार

यदि सरकार काम करना चाहे तो, इस देश में काम की कोई कमी नहीं है। या कहिये दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है, जहां सरकारों के लिये काम की कमी हो। लेकिन अपने देश की आम जनता को ...

Read More »

‘यूथ फाॅर राइट टू एम्प्लाॅयमेंट’ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को भेजे मांगपत्र

‘यूथ फाॅर राइट टू एम्प्लाॅयमेंट’ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को भेजे मांगपत्र

देश में बेरोज़गारी लगातार बढ़ती जा रही है। लोग काम माँग रहे हैं। बेरोज़गारी से पैदा अवसाद के चलते युवा आत्महत्या कर रहे हैं। सरकारें सिर्फ भाषणों से पेट भरना चाहती हैं और दूसरे मुद्दों में उलझाए रखना चाहती हैं। ...

Read More »

सरकार किस चिड़िया का नाम है?

सरकार किस चिड़िया का नाम है?

[किसी भी दंगे के दौरान दंगाई जो करते हैं, वह उस दंगे की अपनी तस्वीर होती है। जाट आरक्षण आंदोलन की यह तस्वीर जमीन और सड़क के बीच जीने वालों की अपनी भयावह तस्वीर है। जिसे पेश किया है अंजुले ...

Read More »

निदा नवाज़ की तीन कविताएं

निदा नवाज़ की तीन कविताएं

1. हमारी अम्मा की ओढ़नी वे जब आते हैं रात-समय दस्तक नहीं देते हैं तोड़ते हैं दरवाजे़ और घुस आते हैं हमारे घरों में वे दाढ़ी से घसीटते हैं हमारे अब्बू को छिन जाती है हमारी अम्मा की ओढ़नी या ...

Read More »

देशभक्ति अब बाजार में, बाजार के लिये

देशभक्ति अब बाजार में, बाजार के लिये

यह अच्छी खबर है, कि वाम रचनाकार और सामाजिक सरोकार रखने वाले लोगों की बातें सुनी जाने लगी हैं, वो अकेले नहीं हैं। उनके पक्ष में, या विरोध में अब आवाजें आने लगी हैं। उन्होंने बढ़ती हुई सामाजिक असहिष्णुता का ...

Read More »

आंदोलन हिरासत में नहीं

आंदोलन हिरासत में नहीं

केंद्र सरकार की गलत नीतियों, उसके समर्थकों की हिंसक हाथापायी और मीडिया के अलग-अलग रवैये ने जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को सुर्खियों पर ला दिया है। हमेशा सुर्खियों में बने रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ...

Read More »
Scroll To Top