स्पेन में वित्तीय संकट गलियों और सड़कों पर फटेहाल है

स्पेन में वित्तीय संकट गलियों और सड़कों पर फटेहाल है

स्पेन का वित्तीय संकट अब गलियों और सड़कों पर फटेहाल घूमने लगा है। सरकार की नीति और यूरोपीय संघ के निर्णयों के खिलाफ नाराज लोग यदि सड़कों पर हैं, तो समाज का सबसे कमजोर वर्ग सरकारी कटौतियों के साथ अपनी ...

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अफ्रीका में अमेरिका जहां है, वहीं आतंकवाद है

अफ्रीका में अमेरिका जहां है, वहीं आतंकवाद है

अफ्रीका की समस्या यूरोपीय देश और अमेरिकी साम्राज्य है, जिन्होंने उस महाद्वीप के शोषण एवं दोहन को अपनी समृद्धि का आधार बना लिया है। जिनके पास विकास की ऐसी योजनायें हैं, कि उनके आर्थिक सहयोग से अफ्रीकी देश तबाह हो ...

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ग्रीस में बढ़ता फासिस्टवाद

ग्रीस में बढ़ता फासिस्टवाद

ग्रीस में सरकार के द्वारा किये जा रहे सामाजिक हमले और फासिस्ट हिंसा के खिलाफ जनप्रदर्शनों की शुरूआत हो गयी है। गये महीने 19 सितम्बर को हुए जनप्रदर्शन में, देश के राजनीतिक दलों ने भी भाग लिया और सरकार की ...

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बंदरों ने जनतंत्र में कोहराम मचा रखा है

बंदरों ने जनतंत्र में कोहराम मचा रखा है

‘गांधी जी और उनके तीन बंदरों के बारे में तो आप जानते ही होंगे?” वैसे, आप यह मत पूछियेगा की ”गांधी जी कौन हैं? और वो बंदर काहे पाले थे?” मुझे आप पर यकीन है, कि आप ऐसे सवाल नहीं ...

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यूरोपीय संघ यूरोपीय देशों को लूट रहा है

यूरोपीय संघ यूरोपीय देशों को लूट रहा है

पिछले महीने आक्सफेम एड एजेन्सी के द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि ”बीमार के इलाज के लिये एक ऐसी दवा की खोज की गयी है, जिसमें मरीज को मार कर बीमारी का इलाज किया जाता है।” यह ...

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बड़ों का चक्कर बड़ा है! कोल ब्लाक आबंटन- चौदहवां एफआर्इआर

बड़ों का चक्कर बड़ा है! कोल ब्लाक आबंटन- चौदहवां एफआर्इआर

सवालों के दायरे में कुछ ऐसे सवाल हैं, जिसका जवाब देश की आम जनता दे सकती है, मगर उसके पास इन सवालों का ठीक-ठीक जवाब नहीं है, और ऐसी कोर्इ जगह नहीं है, जहां से उन्हें सवालों का सही जवाब ...

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कारोबारी सरकार राज्य के असितत्व के लिये खतरा बन चुकी है

कारोबारी सरकार राज्य के असितत्व के लिये खतरा बन चुकी है

दुनिया की ज्यादातर सरकारें आम जनता के खिलाफ होती हैं, इसे स्वाभाविक मान लिया गया है। यह मान लिया गया है, कि सरकारें ऐसी ही होती हैं। जबकि, जनविरोधी सरकारें भी, आम जनता की भलार्इ, सामूहिक विकास और समाज कल्याण ...

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जनतंत्र अपनी राजनीति प्रक्रिया की वजह से गलत है

जनतंत्र अपनी राजनीति प्रक्रिया की वजह से गलत है

किसी भी समाज व्यवस्था की पहचान उसके मुखौटे से नहीं की जा सकती, ना ही किसी राजनीतिक दल की नीतियों को उसकी घोषणांपत्र की शराफत से समझा, जाना जा सकता है। जनतंत्र के सामने चुनी हुर्इ सरकारों का गहरा कुहासा ...

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मुक्त बाजार के दो राहे पर खड़े मनमोहन सिंह

मुक्त बाजार के दो राहे पर खड़े मनमोहन सिंह

भारत को देख कर तीसरी दुनिया के उन देशों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है, जो अपने विकास के लिये किसी और की अंगुलियां थामने के लिये विवश होते हैं। वो अपने प्राकृतिक संसाधन, श्रमशक्ति के जनस्त्रोत और ...

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सही मुददों को बदलने और पिछड़ने को आम जनता ही रोक सकती है

सही मुददों को बदलने और पिछड़ने को आम जनता ही रोक सकती है

क्यों हम सही मुददों को पिछड़ने देते हैं? इस सवाल का जवाब जानने से पहले हमें जान लेना चाहिये, कि यह सवाल आम जनता की पाली में है, उनकी पाली में नहीं है, जो वास्तव में ऐसा कर रहे हैं। ...

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