खुदरा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बंद होने की घोषणायें

खुदरा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बंद होने की घोषणायें

अमेरिका के कर्इ बड़े खुदरा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों -रिटेल चेन्स- ने वर्ष 2013 के अंदर-अंदर अपनी दुकानों को अमेरिका में बंद करने का निर्णय लिया है। याहू फार्इनेंस के लेख के अनुसार यह अनुमान लगाया जा रहा है कि- बेस्ट बार्इ ...

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आम जनता के लिये बोलेवेरियन क्रांति

आम जनता के लिये बोलेवेरियन क्रांति

इक्वाडोर में राफेल कोरिया ने यह प्रमाणित कर दिया है कि वैश्विक मंदी के घातक प्रभावों को तीन तिमाही में ही, रोका जा सकता है, और उससे उबरने के लिये एक साल का समय पर्याप्त है। मगर वैश्विक मंदी के ...

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अमेरिका बनता हुआ डेट्रायट है

अमेरिका बनता हुआ डेट्रायट है

अमेरिका अपने होने के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है और आम अमेरिकी की हालत उससे भी बुरी है। यदि अमेरिकी सरकार की चिंता यह है कि वह 1 मार्च 2013 से होने वाले बजट में कटौती को अंजाम ...

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डुबकी लगाती अर्थव्यवस्था में हथियारों की खरीदी

डुबकी लगाती अर्थव्यवस्था में हथियारों की खरीदी

भारत की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियां, उससे एक मजबूत देश के रूप में उभरने की अपेक्षायें रखती है किंतु राजनीतिक ढांचा, वित्तीय संरचना और मौजूदा नेतृत्व इन अपेक्षाओं को पूरा करने की स्थिति में नहीं है। अपेक्षाओं की राहें मुशिकल ...

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इक्वाडोर- ”जनक्रांति को मिला जनसमर्थन”

इक्वाडोर- ”जनक्रांति को मिला जनसमर्थन”

17 फरवरी, को हुए राष्ट्रपति चुनाव में राफेल कोरिया को इक्वाडोर की आम जनता ने, तीसरी बार देश का राष्ट्रपति चुना है। उन्हें 59.9 प्रतिशत वोट मिले, और दूसरे स्थान पर रहे प्रमुख विपक्षी गिवलेर्मो लासो को 23.8 प्रतिशत वोट ...

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जंगल कहां है?

जंगल कहां है?

जंगल कहां है? यह सवाल नहीं, खोज है कि जंगल वहां है जहां कुल्हाडि़यां उठी हैं और कुल्हाडि़यों के खिलाफ पेड़ खेड़े हैं! जंगल वहां है जहां, हम और आप खड़े हैं, और हमारे बीच बिगड़ती, बनती दुनिया की संभावनायें ...

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यह दौर भगत सिंह की वापसी का है

यह दौर भगत सिंह की वापसी का है

हमारे सामने घोषित आदर्श के जितने चेहरे हैं, वो सवालों के दायरे में हैं। आप सवाल कर सकते हैं कि ‘ऐसे चेहरे कितने हैं?’ इस देश में चेहरों की कमी नहीं है, मगर आधुनिक भारत के इतिहास में तीन ऐसे ...

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देश को बाजार और हथियारों के दलदल में धंसाया क्यों जा रहा है?

देश को बाजार और हथियारों के दलदल में धंसाया क्यों जा रहा है?

देश की यूपीए सरकार के खाते में भ्रष्टाचार के इतने मामले दर्ज हैं कि वह देश के आंतरिक ही नहीं बाहरी सुरक्ष के लिये खतरा बन चुकी है। एक भी मंत्रालय और एक भी प्रशासनिक विभाग ऐसा नहीं है, जिसके ...

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कामगरों के हक और हड़ताल की दिशा

कामगरों के हक और हड़ताल की दिशा

मजदूरों और कर्मचारियों के हम और हड़ताल की बात जब भी होती है, सरकार और मीडिया राष्ट्रीय सम्पतित की क्षति और वित्तीय हानि का जिक्र करना नहीं भूलती है। आम जनता की असुविधाओं को प्रचार इस तरह किया जाता है ...

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आतंकवाद के खिलाफ हम कहां हैं?

आतंकवाद के खिलाफ हम कहां हैं?

अजमल कसाब के बाद, अफजल गुरू को फांसी दे दी गयी। लाश भी जेल में ही दफन कर दिया गया। प्रतिक्रिया भी कुछ वैसी ही हुयी, जैसी उम्मीद की गयी थी। देर आये, दुरूस्त आये से लेकर आतंकवाद को कठोर ...

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