हथियारों पर बढ़ती निर्भरता – 1

हथियारों पर बढ़ती निर्भरता – 1

हथियारों की निगरानी में दुनिया को सुरक्षित रखने की कोशिश हो रही है। दावे किये जा रहे हैं, कि ‘दुनिया बची रहेगी।‘ इस दावे का कोई आधार नहीं है। किसी के पास इस सवाल का कोई जवाब नही है, कि ...

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गाय एक पॉवरफुल प्राणी है

गाय एक पॉवरफुल प्राणी है

पहले बड़े-बड़े लेखकों और कवियों की पंक्तियां दे दी जाती थीं, और कहा जाता था- संदर्भ के साथ व्याख्या कीजिये। अब बड़े-बड़े बिकाऊ लेखक और कवि पैदा होते हैं, जिनकी पंक्तियां ऐसी होती है, कि संदर्भ के साथ व्याख्या की ...

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मोदी सरकार की करिश्माई उपलब्धि – हम गदहे हैं!

मोदी सरकार की करिश्माई उपलब्धि – हम गदहे हैं!

देश में भांट, गवईया और कथावाचकों की पूछ बढ़ गयी है। वर्ष हिंदू हो गये हैं। देवी-देवता जागृत हो गये हैं। गाय माता हो गयी है। स्वयं सेवक गणों की पहुंच बढ गयी है। राम मर्यादा पुरूषोत्तम नहीं रहे। अशोक ...

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भ्रष्ट व्यवस्था के प्यादे और सरकार

भ्रष्ट व्यवस्था के प्यादे और सरकार

आयकर विभाग और सीबीआई की सक्रियता बढ़ गयी है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस के पी, चिदंबरम के बेटे के खिलाफ छापेमारी चल रही है। खुलासे हो रहे हैं। खुलासे होंगे। कहा जा रहा है, कि सरकार भ्रष्टाचार ...

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पूंजीवाद – सदियों का हत्यारा – 3

पूंजीवाद – सदियों का हत्यारा – 3

(इस आलेख के लिये हमने मई दिवस को आधार बनाया था, किंतु लगा इतिहास को दुहराने से अच्छा है, जहां उसे रोका गया है, वहां से धक्का दें। उन ताकतों की पहचान जरूरी है, जिन्होंने इतिहास को रोका है।) हम ...

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पूंजीवाद – सदियों का हत्यारा – 2

पूंजीवाद – सदियों का हत्यारा – 2

(इस आलेख के लिये हमने मई दिवस को आधार बनाया था, किंतु लगा इतिहास को दुहराने से अच्छा है, जहां उसे रोका गया है, वहां से धक्का दें। उन ताकतों की पहचान जरूरी है, जिन्होंने इतिहास को रोका है।) ‘‘हम ...

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पूंजीवाद – सदियों का हत्यारा

पूंजीवाद – सदियों का हत्यारा

(इस आलेख के लिये हमने मई दिवस को आधार बनाया था, किंतु लगा इतिहास को दुहराने से अच्छा है, जहां उसे रोका गया है, वहां से धक्का दें। उन ताकतों की पहचान जरूरी है, जिन्होंने इतिहास को रोका है।) हम ...

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सपाट बनाने का कारखाना

सपाट बनाने का कारखाना

कई बार जिंदगी बड़ी सपाट सी लगने लगती है, जो कि है नहीं। सुबह, दोपहर, शाम और रात। यही सिलसिला। दिन का सिलसिलेवार तरीके से बीतना। रात का ऐसा गुजरना जैसे गाफिलों की नींद। बुरा लगता है, कि जो है ...

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आर्थिक एवं राजनीतिक विकास की गलत दिशा

आर्थिक एवं राजनीतिक विकास की गलत दिशा

केन्द्र में मोदी की सरकार है और भारत के 13 राज्यों में भाजपा की सरकारें बन चुकी हैं। कह सकते हैं, कि उसके कब्जे में देश की बड़ी आबादी है। सही अर्थों में भाजपा पूरे देश पर अपना अधिकार चाहती ...

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[मई दिवस पर विशेष] हंथौड़ा लोहा बन गया

[मई दिवस पर विशेष] हंथौड़ा लोहा बन गया

सैकड़ों बाहों के साथ उठी हमारी बाहें और एक मजबूत हंथौड़ा जंग लगे लोहे पर गिरा धड़ाम से। जबर्दस्त शोर हुआ पपड़ियां उधड़ीं बुनियादें हिलीं और एक बड़ी धरती कांप गयी। गला फाड़ कर चिल्लाया लोहा लौह व्यवस्था के खूनी ...

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